BSP में आकाश आनंद की वापसी, मायावती ने चीफ नेशनल कोऑर्डिनेट की दी बड़ी जिम्मेदारी

दि राइजिंग न्यूज। लखनऊ । 18 मई 2025 ।  बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद पर भरोसा जताते हुए उन्हें पार्टी का चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। रविवार को लखनऊ में हुई BSP की उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस फैसले के साथ ही आकाश एक बार फिर पार्टी की मुख्यधारा में लौट आए हैं।

BSP में आकाश आनंद की वापसी, मायावती ने चीफ नेशनल कोऑर्डिनेट की दी बड़ी जिम्मेदारी
Akash Anand returns to BSP, Mayawati gives him big responsibility, makes him Chief National Coordinator

दि राइजिंग न्यूज। लखनऊ । 18 मई 2025 । 

बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद पर भरोसा जताते हुए उन्हें पार्टी का चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। रविवार को लखनऊ में हुई BSP की उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस फैसले के साथ ही आकाश एक बार फिर पार्टी की मुख्यधारा में लौट आए हैं।

तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर उनके अधीन

नए ढांचे के तहत आकाश आनंद के अधीन तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर— रामजी गौतम, रणधीर बेनीवाल, और राजाराम कार्य करेंगे। रामजी गौतम राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी में बिहार प्रभारी की भूमिका भी निभा रहे हैं।

 चुनावी रणनीति की कमान आकाश के हाथ

पार्टी सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद को आगामी चुनावों के प्रचार अभियान की कमान भी सौंपी जाएगी। वह न केवल BSP की नीतियों का प्रचार करेंगे बल्कि युवा नेतृत्व के प्रतीक के रूप में सामने आएंगे। माना जा रहा है कि यह कदम पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा देगा।

पहले निष्कासित हुए, अब नई शुरुआत

आकाश आनंद को पिछले साल कथित अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते BSP से बाहर कर दिया गया था। उनके साथ उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ भी निष्कासित किए गए थे। लेकिन अप्रैल 2025 में आकाश ने एक सार्वजनिक माफी पोस्ट की और मायावती से अपनी गलतियों के लिए क्षमा याचना की। उन्होंने कहा कि वो अब किसी भी रिश्तेदार या सलाहकार से राजनीतिक दिशा नहीं लेंगे और मायावती को ही अपना एकमात्र राजनीतिक गुरु मानते हैं।

मायावती का सशर्त समर्थन

मायावती ने आकाश की माफी स्वीकार करते हुए उन्हें पार्टी में वापस लिया, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया कि उत्तराधिकार का कोई प्रश्न नहीं उठता। उन्होंने दोहराया कि पार्टी के नेतृत्व का निर्णय भविष्य में संगठन की आवश्यकताओं और आंदोलन की मजबूती को देखते हुए लिया जाएगा।