आईपीएल पर कब्जे की कोशिश का दावा, ललित मोदी बोले- दाऊद की धमकियों ने छुड़वाया क्रिकेट प्रशासन
आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने दावा किया है कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम और उसकी कथित डी-कंपनी की धमकियों के कारण उन्हें क्रिकेट प्रशासन छोड़ना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि आईपीएल पर नियंत्रण की कोशिशों और सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के बाद वह निशाने पर आ गए थे। उनके इन दावों ने एक बार फिर आईपीएल के शुरुआती वर्षों और उससे जुड़े विवादों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 05 जून 2026
भारतीय क्रिकेट की सबसे सफल और चर्चित प्रतियोगिताओं में शामिल इंडियन प्रीमियर लीग को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। लीग के संस्थापक और पूर्व आयुक्त ललित मोदी ने दावा किया है कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम और उसकी कथित डी-कंपनी से मिली धमकियों के कारण उन्हें क्रिकेट प्रशासन से दूरी बनानी पड़ी। उन्होंने कहा कि सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बाद वह अंडरवर्ल्ड के निशाने पर आ गए थे। ललित मोदी के दावों ने क्रिकेट और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग को वैश्विक स्तर पर सफल बनाने की कीमत उन्हें अपनी सुरक्षा और निजी जीवन से चुकानी पड़ी।
दाऊद आईपीएल पर नियंत्रण चाहता था: ललित मोदी
एक साक्षात्कार में ललित मोदी ने दावा किया कि दाऊद इब्राहिम आईपीएल पर प्रभाव और नियंत्रण स्थापित करना चाहता था। उनके अनुसार लीग के बढ़ते आर्थिक प्रभाव और सट्टेबाजी बाजार में उसकी बड़ी भूमिका के कारण अंडरवर्ल्ड की नजर लगातार इस प्रतियोगिता पर बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सट्टेबाजी नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, तब से उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। उनके अनुसार कई बार उन्हें अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष दोनों तरह के दबावों का सामना करना पड़ा।
लंदन में हुई कथित बातचीत का दावा
ललित मोदी ने दावा किया कि वर्ष 2012 में लंदन में उनके साथ एक बेहद भयावह घटना हुई। उनके अनुसार देर रात उन्हें एक प्रभावशाली व्यक्ति के आवास पर बुलाया गया, जहां कथित रूप से एक उपग्रह फोन के माध्यम से उनकी बात दाऊद इब्राहिम से कराई गई। उन्होंने कहा कि उस समय वह बेहद डरे हुए थे और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। उनके अनुसार बातचीत के दौरान उन्हें चेतावनी दी गई और उसके बाद फोन काट दिया गया। ललित मोदी का कहना है कि उस समय उनके आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था।
2009 में शुरू हुआ टकराव
ललित मोदी के अनुसार अंडरवर्ल्ड के साथ उनका विवाद वर्ष 2009 में शुरू हुआ, जब लोकसभा चुनावों के कारण आईपीएल को भारत से दक्षिण अफ्रीका स्थानांतरित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय सट्टा बाजार में बड़े पैमाने पर यह अनुमान लगाया गया था कि प्रतियोगिता रद्द हो जाएगी। लेकिन जब टूर्नामेंट सफलतापूर्वक दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हुआ, तो कथित तौर पर कई लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। मोदी का आरोप है कि इसके बाद उनसे नुकसान की भरपाई करने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
फिक्सिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ उठाए कदम
ललित मोदी ने दावा किया कि आईपीएल के शुरुआती वर्षों में उन्होंने मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए कई सख्त कदम उठाए थे। उनके अनुसार:
- संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
- स्टेडियमों में प्रवेश को लेकर निगरानी बढ़ाई गई।
- फिक्सिंग रोकने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए गए।
- कथित रूप से मिलने वाले आर्थिक प्रलोभनों को ठुकराया गया।
उनका कहना है कि यही कारण था कि कुछ शक्तिशाली नेटवर्क उनके खिलाफ हो गए।
कई देशों में साजिशों का लगाया आरोप
ललित मोदी ने दावा किया कि उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए विभिन्न देशों में कई साजिशें रची गईं। उन्होंने मुंबई स्थित अपने आवास के बाहर कथित गोलीबारी, दक्षिण अफ्रीका में कथित हमले की योजना, यूरोप में साजिश और अपने परिवार को निशाना बनाने की कोशिशों का भी उल्लेख किया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उनके बयान ने एक बार फिर आईपीएल के शुरुआती वर्षों से जुड़े विवादों को चर्चा में ला दिया है।
आखिर क्यों छोड़ा क्रिकेट प्रशासन
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने क्रिकेट प्रशासन से दूरी क्यों बनाई, तो ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार का समझौता नहीं किया बल्कि क्रिकेट प्रशासन छोड़ने का फैसला किया। उनके अनुसार लगातार मिल रही धमकियों और सुरक्षा चिंताओं ने उन्हें यह निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि दाऊद इब्राहिम उन प्रमुख कारणों में से एक था जिसकी वजह से उन्होंने क्रिकेट प्रशासन से हमेशा के लिए दूरी बना ली।
आईपीएल के जनक से विवादों तक का सफर
ललित मोदी को आईपीएल की परिकल्पना और स्थापना का प्रमुख चेहरा माना जाता है। वर्ष 2008 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता देखते ही देखते दुनिया की सबसे लोकप्रिय और आर्थिक रूप से सफल टी-20 लीग बन गई। लेकिन वर्ष 2010 में उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों और निविदा संबंधी विवादों के आरोप सामने आए। इसके बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने उन्हें निलंबित कर दिया और बाद में आजीवन प्रतिबंध भी लगा दिया। तब से ललित मोदी विदेश में रह रहे हैं और समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर बयान देते रहे हैं।
बड़े सवाल अब भी कायम
ललित मोदी के ताजा दावों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि उनके आरोप सही हैं तो यह खेल जगत, सट्टेबाजी नेटवर्क और संगठित अपराध के बीच संभावित संबंधों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। वहीं दूसरी ओर इन दावों की स्वतंत्र जांच और आधिकारिक पुष्टि भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।