पेपर लीक पर सख्त कानून, संसद में भारी हंगामा
संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्रों के मुद्दे और लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक को लेकर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। लोकसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, जबकि राज्यसभा में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े दंड वाले विधेयक को पेश किए जाने की तैयारी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 30 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा देखने को मिला। एक ओर लोकसभा में विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और गृह मंत्री से जवाब की मांग को लेकर जोरदार विरोध किया, वहीं दूसरी ओर राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किए जाने की तैयारी रही। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।विपक्षी दलों ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और संसद परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने गृह मंत्री से सदन में आकर जवाब देने की मांग की। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए यह विधेयक बेहद आवश्यक है।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने छात्रों के मुद्दे और दिल्ली में हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने सदन में चर्चा की मांग करते हुए सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी ने व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं होने पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे दिन के महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी प्रभावित हुए और राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया।
राज्यसभा में पेश होगा लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक
सरकार राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र लीक करने, परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग कराने या ऐसी किसी साजिश में शामिल पाया जाता है तो उसे कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। सरकार इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए अहम कदम बता रही है।
विधेयक में कड़ी सजा का प्रावधान
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले दोषियों को कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम दस वर्ष तक कारावास की सजा दी जा सकती है। इसके अलावा दोषियों पर पचास लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाने का भी प्रावधान रखा गया है। कठोर दंड के कारण परीक्षा माफिया और संगठित गिरोहों पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे ईमानदारी से परीक्षा देने वाले लाखों अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत होगा और भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता बनी रहेगी।
गृह मंत्री से जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि मंत्रिपरिषद संविधान के अनुसार सदन के प्रति उत्तरदायी है, इसलिए गृह मंत्री को सदन में उपस्थित होकर छात्रों से जुड़े पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि छात्रों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया। विपक्ष का कहना है कि जब तक सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
राहुल गांधी और विपक्ष ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और उनकी आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने भी राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो कहा है वह उचित है और इस मुद्दे पर किसी प्रकार की माफी की आवश्यकता नहीं है। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट दिखाई दे रहा है।
संसद परिसर में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
संसद के मकर द्वार पर प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थी और सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।विपक्ष ने कहा कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और संसद में इस विषय पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। वहीं सरकार परीक्षा सुधार संबंधी विधेयक को युवाओं के हित में बड़ा कदम बता रही है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- लोकसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित।
- राज्यसभा में लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा।
- प्रश्नपत्र लीक करने वालों को पांच से दस वर्ष तक कारावास का प्रस्ताव।
- दोषियों पर पचास लाख रुपये तक आर्थिक दंड का प्रावधान।
- विपक्ष ने गृह मंत्री से सदन में जवाब देने की मांग की।
- राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।
- संसद परिसर में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।