शादी खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे उमर अब्दुल्ला!

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रही पत्नी पायल अब्दुल्ला ने आपसी सहमति से विवाह समाप्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। दोनों पक्षों ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद को समाप्त करने की इच्छा जताई है।

शादी खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे उमर अब्दुल्ला!

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रही पत्नी पायल अब्दुल्ला ने अपने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों ने सर्वोच्च न्यायालय में संयुक्त रूप से विवाह समाप्त करने की मांग की है। मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायालय को बताया कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से अलग होना चाहते हैं और अपने जीवन में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं।


विवाह संबंध समाप्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे दोनों पक्ष

उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला के बीच वैवाहिक विवाद लंबे समय से चल रहा था। दोनों काफी समय से अलग-अलग रह रहे हैं और विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं से गुजर चुके हैं। अब दोनों ने संयुक्त रूप से सर्वोच्च न्यायालय का रुख करते हुए विवाह संबंध को कानूनी रूप से समाप्त करने की मांग की है।मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट किया कि वे अब वैवाहिक संबंध को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत याचिका में कहा गया है कि दोनों के बीच समझौता हो चुका है और वे शांतिपूर्ण तरीके से अलग होना चाहते हैं। इस घटनाक्रम को लंबे समय से चले आ रहे विवाद के संभावित समाधान के रूप में देखा जा रहा है।


वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने रखा पक्ष

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि दोनों पक्ष अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने आपसी सहमति से विवाह समाप्त करने का निर्णय लिया है और न्यायालय से आवश्यक आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।अधिवक्ता ने यह भी कहा कि जब दोनों पक्ष अलग होने पर सहमत हैं और साथ रहने की कोई संभावना नहीं बची है, तब विवाद को लंबा खींचने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए न्यायालय से विशेष अधिकारों का उपयोग कर मामले का अंतिम निपटारा करने की मांग की गई है।


लंबे समय से चल रहा था वैवाहिक विवाद

उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला के बीच वैवाहिक मतभेद कई वर्षों से चर्चा का विषय रहे हैं। दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे और पारिवारिक विवाद को लेकर विभिन्न स्तरों पर कानूनी प्रक्रिया जारी थी।समय-समय पर इस मामले में न्यायालयों में सुनवाई होती रही, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया था। अब दोनों पक्षों के समझौते पर पहुंचने के बाद मामले के समाधान की संभावना मजबूत होती दिखाई दे रही है। कानूनी जानकार इसे विवाद समाप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।


विशेष संवैधानिक प्रावधान के तहत राहत की मांग

याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से विशेष संवैधानिक प्रावधान के अंतर्गत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है। इस प्रावधान के तहत न्यायालय पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष आदेश जारी कर सकता है। जब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाए और विवाद का कोई अन्य व्यावहारिक समाधान न बचे, तब न्यायालय इस प्रकार के मामलों में विशेष अधिकारों का प्रयोग कर सकता है। यही कारण है कि इस मामले पर कानूनी जगत की भी विशेष नजर बनी हुई है।


राजनीतिक और सार्वजनिक हलकों में चर्चा

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री होने के कारण उमर अब्दुल्ला का निजी जीवन अक्सर सार्वजनिक चर्चा का विषय बनता रहा है। विवाह समाप्ति को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल याचिका के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।हालांकि दोनों पक्षों ने इस मामले को निजी पारिवारिक विषय बताया है। जानकारों का मानना है कि यह पूरी तरह व्यक्तिगत और कानूनी मामला है, जिसका समाधान न्यायालय की प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा। इसलिए सभी की निगाहें अब सर्वोच्च न्यायालय के अगले निर्णय पर टिकी हुई हैं।


न्यायालय के निर्णय का इंतजार

मामले में अब सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। यदि न्यायालय दोनों पक्षों की सहमति और प्रस्तुत तथ्यों से संतुष्ट होता है तो विवाह संबंध समाप्त करने को लेकर अंतिम आदेश जारी किया जा सकता है। इस तरह के मामलों में न्यायालय दोनों पक्षों की इच्छा, समझौते की स्थिति और भविष्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेता है। आने वाले दिनों में इस मामले पर न्यायालय की कार्यवाही महत्वपूर्ण मानी जा रही है