बेटिकट यात्रियों पर चला रेलवे का शिकंजा: दो महीने में 13 करोड़ से अधिक की वसूली
समस्तीपुर रेलमंडल द्वारा अप्रैल और मई के दौरान चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान में एक लाख 84 हजार से अधिक बेटिकट और अनियमित यात्रियों को पकड़ा गया। रेलवे ने इनसे 13 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला। 16 घंटे तक चलने वाले इस अभियान से रेलवे को बड़ा राजस्व लाभ मिला और बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ।
दि राइजिंग न्यूज़। समस्तीपुर। 04 जून 2026
बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ रेलवे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड वसूली की है। समस्तीपुर रेलमंडल द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान में अप्रैल और मई के दौरान एक लाख 84 हजार से अधिक यात्रियों को पकड़ा गया। इन यात्रियों से जुर्माने के रूप में 13 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूली गई है। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि यह अभियान हाल के वर्षों में चलाए गए सबसे बड़े टिकट जांच अभियानों में से एक रहा है। लगातार की गई कार्रवाई के बाद बिना टिकट यात्रा करने वालों में डर का माहौल बना है और रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
16 घंटे तक चला विशेष अभियान
समस्तीपुर रेलमंडल में मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा के निर्देश पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया था। अभियान की निगरानी सहायक वाणिज्य प्रबंधक टिकट जांच राजेश कुमार के नेतृत्व में की गई। इस अभियान के लिए लगभग 233 टिकट जांच कर्मियों और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने प्रतिदिन करीब 16 घंटे तक लगातार जांच अभियान चलाया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इसे किलाबंदी जांच अभियान की तर्ज पर संचालित किया गया, ताकि किसी भी बेटिकट यात्री को बचने का मौका न मिले।
ट्रेनों और स्टेशनों पर सघन जांच
अभियान के दौरान ट्रेनों के भीतर और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर व्यापक स्तर पर जांच की गई। समस्तीपुर, दरभंगा, जयनगर, रक्सौल, सहरसा और मोतिहारी समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को विशेष रूप से निगरानी में रखा गया। जांच टीमों ने सामान्य श्रेणी से लेकर वातानुकूलित श्रेणी तक सभी डिब्बों में टिकटों की जांच की। इसके अलावा आरक्षित टिकट पर अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
रेलवे की आय में हुआ बड़ा इजाफा
रेलवे प्रशासन के अनुसार अभियान का सबसे बड़ा फायदा राजस्व बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। केवल दो महीनों में 13 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की वसूली ने रेलमंडल के राजस्व को मजबूत किया है। अधिकारियों का कहना है कि बिना टिकट यात्रा सीधे तौर पर रेलवे को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में इस तरह के अभियान न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करते हैं बल्कि रेलवे की वित्तीय स्थिति को भी मजबूत बनाते हैं।
‘लाल गाड़ी’ अभियान का दिखा असर
रेलवे द्वारा चलाए गए विशेष ‘लाल गाड़ी’ अभियान का असर भी साफ दिखाई दिया। लगातार कार्रवाई और जांच के कारण बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों में भय का माहौल बना। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अभियान के बाद टिकट खरीदकर यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ी है। कई स्टेशनों पर टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें भी देखने को मिलीं, जो अभियान की सफलता को दर्शाती हैं।
उत्कृष्ट कर्मचारियों को किया गया सम्मानित
अभियान के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले टिकट जांच कर्मचारियों को मंडल रेल प्रबंधक द्वारा सम्मानित भी किया गया। रेलवे प्रशासन का मानना है कि कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण के कारण ही इतनी बड़ी सफलता हासिल हो सकी है।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें और रेलवे नियमों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि रेल सेवाओं को बेहतर और व्यवस्थित बनाया जा सके।