मुकुल देव नहीं रहे: एक चमकता सितारा हमेशा के लिए डूब गया, 54 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 24 मई, 2025 । भारतीय फिल्म और टेलीविजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हर दिल अज़ीज़ कलाकार मुकुल देव अब इस दुनिया में नहीं रहे। 54 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते कुछ समय से वो बीमार चल रहे थे और अस्पताल में इलाज करा रहे थे। 23 मई की रात, उन्होंने चुपचाप, लेकिन हमेशा के लिए यह संसार छोड़ दिया।

मुकुल देव नहीं रहे: एक चमकता सितारा हमेशा के लिए डूब गया, 54 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Mukul Dev is no more: A shining star has set forever breathed his last at the age of 54

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 24 मई, 2025 ।

भारतीय फिल्म और टेलीविजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हर दिल अज़ीज़ कलाकार मुकुल देव अब इस दुनिया में नहीं रहे। 54 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते कुछ समय से वो बीमार चल रहे थे और अस्पताल में इलाज करा रहे थे। 23 मई की रात, उन्होंने चुपचाप, लेकिन हमेशा के लिए यह संसार छोड़ दिया।

उनके निधन की खबर जैसे ही सामने आई, मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार, दोस्त, सहकर्मी और उनके चाहने वाले — सबके लिए यह यकीन कर पाना मुश्किल है कि अब मुकुल देव हमारे बीच नहीं हैं। उनके भाई और एक्टर राहुल देव ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की और बताया कि मुकुल का अंतिम संस्कार 24 मई की शाम 5 बजे, दिल्ली में किया जाएगा।


एक अद्भुत कलाकार, जो दिलों में अमर रहेगा

"सन ऑफ सरदार" में उनके साथ काम कर चुके अभिनेता विंदू दारा सिंह ने बताया कि मुकुल पिछले कुछ समय से गहरे अवसाद में थे और अपने माता-पिता की मौत के बाद खुद को दुनिया से दूर कर लिया था। वे ना किसी से मिलते थे, ना ही ज्यादा बाहर निकलते थे। विंदू ने कहा, “अब मुकुल खुद को बड़े पर्दे पर नहीं देख पाएंगे, लेकिन उनकी यादें और उनका काम हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा।”


मुकुल देव का चमकदार सफर

दिल्ली में जन्मे मुकुल देव ने अपने करियर की शुरुआत 1996 में टीवी सीरियल 'मुमकिन' से की थी। इसके बाद वह दूरदर्शन के मशहूर शो 'एक से बढ़कर एक' से घर-घर में पहचाने जाने लगे। उसी साल उन्होंने सुष्मिता सेन के साथ फिल्म 'दस्तक' से बॉलीवुड में कदम रखा।

कोहराम’, ‘वजूद’, ‘किला’, ‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’, और ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी ने किरदारों में जान फूंक दी। वे केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रहे, उन्होंने पंजाबी, तेलुगु, बंगाली, मलयालम, और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया।

उन्हें 7वां अमरीश पुरी अवॉर्ड मिला था — जो उनके टैलेंट की गवाही देता है।


एक खालीपन जो कभी नहीं भरेगा

मुकुल देव न सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता थे, बल्कि वे एक संवेदनशील इंसान भी थे। उनकी मुस्कान, उनका सौम्य व्यवहार और उनका बहुआयामी अभिनय — सब कुछ आज एक दर्दभरी याद बन गया है।

विंदू दारा सिंह ने उनके साथ एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए लिखा:
“RIP ब्रदर मुकुल देव... आप जैसे कलाकार लाखों में एक होते हैं। Son Of Sardaar 2 में आपका अंतिम गाना आपकी आखिरी मुस्कान बन जाएगा। आप दर्शकों को हंसी और खुशी देकर गए।”


अलविदा मुकुल — आप हमेशा हमारे साथ रहेंगे...

मुकुल देव चले गए, लेकिन उनके निभाए हर किरदार, उनकी आवाज, उनकी मुस्कुराहट और वो खास एहसास जो उन्होंने अपने अभिनय से लोगों को दिया — वो कभी नहीं जाएगा।