हंसी के धमाकों से भरपूर वेलकम 3
अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल और कई सितारों से सजी ‘वेलकम टू द जंगल’ दर्शकों को लॉजिक से ज्यादा कॉमेडी और मनोरंजन का डोज देती है। फिल्म की कहानी साधारण है, लेकिन कलाकारों की जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग इसे मनोरंजक बनाती है।
दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 27 जून 2026
हंसी के धमाकों से भरपूर वेलकम 3
लंबे इंतजार के बाद रिलीज हुई मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने दर्शकों को एक ऐसा मनोरंजन पैकेज देने की कोशिश की है, जिसमें कहानी से ज्यादा महत्व कॉमेडी, स्टार पावर और हल्के-फुल्के मनोरंजन को दिया गया है। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, जॉनी लिवर, राजपाल यादव और कई अन्य कलाकारों से सजी यह फिल्म ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी है।फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं। ट्रेलर को मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया और निर्देशक अहमद खान की पिछली फिल्मों के प्रदर्शन को देखते हुए दर्शकों के मन में कई सवाल थे। हालांकि रिलीज के बाद फिल्म ने कई लोगों को सकारात्मक रूप से चौंकाया है।
कहानी में नहीं, मनोरंजन में दम
फिल्म की कहानी एक ऐसे अरबपति कारोबारी काजा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी काली कमाई को बचाने के लिए एक बेहद महंगी लेकिन जानबूझकर फ्लॉप फिल्म बनाने की योजना बनाता है। इसके लिए वह कई अजीबोगरीब किरदारों और असफल कलाकारों को साथ लेकर एक फिल्म प्रोजेक्ट शुरू करता है।हालात तब बदलते हैं जब आयकर विभाग की कार्रवाई में उसका पैसा चला जाता है और वही फ्लॉप फिल्म उसकी आखिरी उम्मीद बन जाती है। इसके बाद कहानी में कॉमेडी, गलतफहमियों, गैंगस्टरों, फिल्मी ड्रामे और एक खतरनाक विलेन की एंट्री होती है, जो पूरे घटनाक्रम को हास्य और अराजकता से भर देती है।
स्टारकास्ट बनी सबसे बड़ी ताकत
फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विशाल स्टारकास्ट है। लगभग तीन दर्जन कलाकारों को एक साथ पर्दे पर संभालना आसान काम नहीं था, लेकिन फिल्म की टीम इस चुनौती में काफी हद तक सफल दिखाई देती है।अक्षय कुमार एक बार फिर अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से प्रभावित करते हैं। परेश रावल, राजपाल यादव, जॉनी लिवर और अरशद वारसी के साथ उनकी जुगलबंदी कई दृश्यों में दर्शकों को खुलकर हंसने पर मजबूर करती है।सुनील शेट्टी का अंदाज भी दर्शकों को पसंद आ सकता है। वहीं श्रेयस तलपड़े, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, तुषार कपूर और अन्य कलाकारों ने भी अपने-अपने हिस्से का मनोरंजन परोसा है।
रवीना टंडन की वापसी बनी खास आकर्षण
फिल्म में रवीना टंडन और अक्षय कुमार को लंबे समय बाद एक साथ स्क्रीन पर देखना दर्शकों के लिए खास अनुभव हो सकता है। रवीना को कहानी में अपेक्षाकृत बेहतर स्पेस मिला है और उन्होंने अपने किरदार को प्रभावी ढंग से निभाया है।दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस ने फिल्म में ग्लैमर का तड़का लगाया है, जबकि अनुभवी अभिनेत्री फरीदा जलाल और अभिनेता किरण कुमार अपने अलग अंदाज से दर्शकों का ध्यान खींचते हैं।
कॉमेडी सफल, तकनीकी पक्ष कमजोर
फिल्म का पहला हिस्सा काफी मनोरंजक माना जा सकता है। इसमें कहानी का सेटअप और प्रमुख किरदारों का परिचय दिलचस्प तरीके से होता है। हालांकि दूसरे हिस्से में कहानी थोड़ी बिखरती हुई नजर आती है, लेकिन अंत तक फिल्म खुद को संभाल लेती है।तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म का विजुअल इफेक्ट्स काम कई जगह कमजोर दिखाई देता है। कुछ दृश्य कृत्रिम लगते हैं और दर्शकों को कहानी से जोड़ने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाते।
अहमद खान का निर्देशन
निर्देशक अहमद खान ने इतने बड़े कलाकार समूह को एक साथ प्रस्तुत करने की कठिन जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने लगभग सभी कलाकारों को स्क्रीन पर उचित अवसर देने की कोशिश की है। फिल्म की गति को अधिकांश समय बनाए रखा गया है, हालांकि कुछ हिस्सों में संपादन और कसावट की कमी महसूस होती है।दिवंगत लेखक नीरज वोहरा की मूल कहानी को बड़े पर्दे पर मनोरंजक अंदाज में पेश करने का प्रयास सराहनीय कहा जा सकता है।
संगीत नहीं छोड़ता खास असर
फिल्म का एक कमजोर पक्ष इसका संगीत भी है। कोई भी गीत ऐसा नहीं दिखता जो लंबे समय तक दर्शकों की जुबान पर बना रहे। फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों की तुलना में संगीत उतना प्रभावशाली नहीं है।
दर्शकों के लिए कैसी है फिल्म
यदि आप गंभीर कहानी, तर्क और यथार्थवादी घटनाक्रम की उम्मीद लेकर थिएटर जाते हैं तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है। लेकिन यदि आपका उद्देश्य सिर्फ हंसना और परिवार के साथ हल्का-फुल्का मनोरंजन करना है, तो ‘वेलकम टू द जंगल’ एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।यह ऐसी फिल्म है जो दर्शकों से कहती है कि लॉजिक को कुछ घंटों के लिए किनारे रखिए और कॉमेडी के इस शोरगुल भरे सफर का आनंद लीजिए।
रेटिंग
दि राइजिंग न्यूज़ रेटिंग: 3.5/5
मनोरंजन, कॉमिक टाइमिंग और स्टारकास्ट के दम पर ‘वेलकम टू द जंगल’ दर्शकों को हंसी का भरपूर डोज देने में काफी हद तक सफल रहती है।