अमेरिका का ड्रोन तबाह! 7वीं रात भी बरसे बम, होर्मुज में मचा हड़कंप

अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने अमेरिकी ड्रोन गिराने, होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमले और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने जैसे कई दावे किए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बढ़ते संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका का ड्रोन तबाह! 7वीं रात भी बरसे बम, होर्मुज में मचा हड़कंप

दि राइजिंग न्यूज़ | होर्मुज | 18 जुलाई 2026

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी मानव रहित सैन्य विमान को मार गिराया है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हमले और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के भी दावे किए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लगातार बढ़ते तनाव के कारण पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है और दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता गहरा गई है।


सातवीं रात भी जारी रहे अमेरिकी हवाई हमले

अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सैन्य कमान के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना, उसके रणनीतिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना और क्षेत्र में अमेरिकी हितों की रक्षा करना है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान पहले से तय रणनीति के तहत चलाया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों और अमेरिकी ठिकानों पर खतरे को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि ईरान अपनी गतिविधियों में बदलाव नहीं करता है तो सैन्य अभियान और अधिक व्यापक किया जा सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर अन्य सैन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।लगातार सात रातों से जारी बमबारी ने ईरान के कई क्षेत्रों में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय समाचार माध्यमों के अनुसार कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को युद्ध जैसी स्थिति के करीब पहुंचा दिया है।


ईरान का दावा- अमेरिकी मानव रहित सैन्य विमान मार गिराया

अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने दावा किया कि उसकी वायु सुरक्षा प्रणाली ने बुशेहर क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी मानव रहित सैन्य विमान को मार गिराया है। ईरानी सरकारी माध्यमों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के अनुसार यह विमान कुछ ही क्षणों में पूरी तरह नष्ट हो गया। ईरान ने इसे अपनी रक्षा प्रणाली की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि वह अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है।ईरानी अधिकारियों का कहना है कि विदेशी सैन्य विमानों को उनके हवाई क्षेत्र में किसी भी प्रकार की घुसपैठ की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका दावा है कि यदि भविष्य में भी ऐसी कोई कोशिश की गई तो उसी तरह कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है।हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।


ईरान ने दी बड़े जवाबी हमले की चेतावनी

ईरान के वरिष्ठ नेताओं ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि लगातार हवाई हमले जारी रहे तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक व्यापक और कठोर होगा। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि देश अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा तथा किसी भी बाहरी दबाव के सामने झुकेगा नहीं।ईरान के अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी तीसरे देश की भूमि, हवाई अड्डों या सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान के खिलाफ किया गया तो वहां मौजूद अमेरिकी हितों और सैन्य ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। इस चेतावनी के बाद पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और कई देशों ने अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। यदि दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने की अपील कर रहा है।


होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमले के दावे

ईरानी माध्यमों ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में दो तेल टैंकर विस्फोट के बाद आग की चपेट में आ गए। ईरान का कहना है कि उसने पहले ही इस समुद्री मार्ग से जहाजों को न गुजरने की चेतावनी दी थी क्योंकि यहां सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही थीं।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल के बड़े हिस्से का परिवहन इसी मार्ग से होता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।हालांकि इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियां और कई देश लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। यदि यहां संघर्ष और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में तेज उछाल आने की आशंका भी जताई जा रही है।


अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों के दावे

ईरानी समाचार माध्यमों ने यह भी दावा किया कि कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए हैं। इसके अलावा जॉर्डन के एक प्रमुख वायुसेना अड्डे को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। इन दावों के बाद संबंधित देशों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है।हालांकि अमेरिका, कुवैत और जॉर्डन की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। स्वतंत्र स्रोतों से भी इन घटनाओं की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में फिलहाल इन दावों को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन दावों की पुष्टि होती है तो यह संघर्ष पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यापक रूप ले सकता है। इससे पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।


ईरान के कई शहरों में धमाकों से बढ़ी दहशत

ईरानी समाचार माध्यमों के अनुसार यज्द, फार्स और खुज़ेस्तान प्रांत के अहवाज सहित कई शहरों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर लगातार विस्फोट हुए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और लोगों से घरों में रहने की अपील की।इन घटनाओं के बाद प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है। कई स्थानों पर राहत और बचाव दल भी तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।हालांकि इन धमाकों के संबंध में अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लगातार जारी सैन्य कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।


पूरे पश्चिम एशिया पर गहराया युद्ध का खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी परामर्श जारी किए हैं और क्षेत्र में मौजूद अपने दूतावासों तथा सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील कर रहा है। यदि आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई और तेज होती है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था, कच्चे तेल की कीमतें, समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। यही कारण है कि पूरी दुनिया की नजर इस संघर्ष पर टिकी हुई है।