परीक्षा घोटालों पर राहुल गांधी का बड़ा एक्शन, कोटा से दिल्ली तक मचेगा बवाल!
कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में पेपर लीक, परीक्षा गड़बड़ी और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान का ऐलान किया है। इस अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से होगी, जिसके बाद इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में बड़े छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 13 जून 2026
देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे लगातार खिलवाड़ और परीक्षा प्रणालियों में मचे भारी भ्रष्टाचार के खिलाफ अब देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है. नीट (NEET), एनटीए (NTA) और एसएससी (SSC) जैसी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आई भयानक गड़बड़ियों, पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद सड़कों पर उतरने जा रहे हैं. शनिवार (13 जून 2026) को कांग्रेस आलाकमान ने देश के करोड़ों पीड़ित युवाओं और छात्रों के हक में एक बहुत बड़े और आक्रामक देशव्यापी आंदोलन के पहले चरण की आधिकारिक घोषणा कर दी है, जिससे केंद्र सरकार के प्रशासनिक हलकों में भारी खलबली मच गई है.
कोटा से होगी महा-आंदोलन की शुरुआत, राहुल गांधी करेंगे छात्र सम्मेलनों की श्रृंखला
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस महा-अभियान की कूटनीतिक रूपरेखा को मीडिया के सामने साझा करते हुए बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कुशल मार्गदर्शन और राहुल गांधी के आक्रामक नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है. राहुल गांधी देश के सबसे बड़े कोचिंग सेंटर हब कोटा से 17 जून को इस लड़ाई की हुंकार भरेंगे. इसके बाद वे देश के अन्य बड़े शिक्षा केंद्रों में जाकर छात्रों, युवा संगठनों, पीड़ित परीक्षार्थियों, प्रतिष्ठित शिक्षकों और परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित हुए सभी लोगों को एक साथ लाने के लिए विशाल छात्र सम्मेलनों की एक लंबी श्रृंखला को संबोधित करेंगे. राहुल गांधी का यह आक्रामक अंदाज निश्चित रूप से युवाओं के भीतर व्यवस्था के खिलाफ एक नया जोश भरने का काम करेगा.
इलाहाबाद, पटना और दिल्ली भी बनेंगे आंदोलन के मुख्य केंद्र, देखें पूरा शेड्यूल
कांग्रेस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, यह आंदोलन केवल कोटा तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि देश के उन सभी प्रमुख शहरों को निशाना बनाया जाएगा जहां छात्र सबसे अधिक संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. कोटा में 17 जून को होने वाले पहले महा-सम्मेलन के बाद, राहुल गांधी 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) में युवाओं के बीच पहुंचेंगे. इसके ठीक अगले दिन यानी 11 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना में एक विशाल रैली और छात्र सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. इस आंदोलन के पहले चरण का सबसे बड़ा और अंतिम धमाका 14 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में होगा, जहां देश भर से जुटे छात्र सीधे संसद और सरकार के खिलाफ अपनी मजबूत आवाज बुलंद करेंगे.
युवाओं के साथ हो रहे लगातार धोखे और परीक्षा प्रणालियों की विफलता को करेंगे उजागर
केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर तीखा और सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह देशव्यापी अभियान उन लाखों युवा भारतीयों की मानसिक और आर्थिक मुश्किलों को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करेगा, जिनका भविष्य बार-बार पेपर लीक होने के कारण पूरी तरह बर्बाद हो रहा है. उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के लगातार बढ़ते आवेदन शुल्क, कोचिंग की बढ़ती लागत और इसके बावजूद एक निष्पक्ष, सुरक्षित व पारदर्शी भर्ती और शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में मौजूदा सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है. सरकार की इसी नाकामी के कारण आज देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, और राहुल गांधी इस धोखे के खिलाफ युवाओं को उनका असली हक दिलाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं.
एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और पीसीसी संभालेंगी कमान, डिजिटल और फिजिकल तरीके से जुड़ेंगे छात्र
इस महा-आंदोलन को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने और इसे एक जन-आंदोलन का रूप देने के लिए कांग्रेस ने अपनी सभी छात्र और युवा इकाइयों को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर डाल दिया है. देशव्यापी अभियान के तहत भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI), यूथ कांग्रेस (Youth Congress), प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC), जिला कमेटियों (DCC) और तमाम स्थानीय इकाइयों को बड़े पैमाने पर छात्रों तक पहुंचने का कड़ा निर्देश दिया गया है. इसके लिए फिजिकल और डिजिटल दोनों माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिसमें कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के कैंपस में जाकर संपर्क करना, कोचिंग सेंटरों और युवा केंद्रों पर सीधे संवाद स्थापित करना, सोशल मीडिया पर आक्रामक कैंपेन चलाना और राहुल गांधी के भाषणों की लाइव स्क्रीनिंग करना शामिल है ताकि कोई भी छात्र इस क्रांति से अछूता न रहे.