राममंदिर चढ़ावा प्रकरण पर अरविंद केजरीवाल के तीखे सवाल

राममंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर अरविंद केजरीवाल ने बृजभूषण शरण सिंह के बयान का उल्लेख करते हुए सरकार और विशेष जांच दल की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की।

राममंदिर चढ़ावा प्रकरण पर अरविंद केजरीवाल के तीखे सवाल

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 2 जुलाई 2026

राममंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयान का उल्लेख करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने विशेष जांच दल की कार्यप्रणाली, जांच की दिशा और कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उनके बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।


राममंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने राममंदिर चढ़ावा प्रकरण का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिन पर अब तक स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। उनके अनुसार केवल कुछ लोगों के विरुद्ध कार्रवाई कर पूरे प्रकरण को समाप्त नहीं माना जा सकता। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।


बृजभूषण शरण सिंह के बयान का किया उल्लेख

अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें कथित रूप से बड़े नाम सामने आने और खतरे की बात कही गई थी। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर वे कौन से नाम हैं जिनका उल्लेख करने से लोग डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति को भी खतरे की आशंका है तो इसकी गंभीरता को समझना आवश्यक है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की।


विशेष जांच दल की कार्यप्रणाली पर उठाए प्रश्न

आम आदमी पार्टी के संयोजक ने विशेष जांच दल की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच करनी है तो सभी पहलुओं को समान रूप से जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच केवल सीमित बिंदुओं तक सिमटी हुई दिखाई दे रही है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और किन तथ्यों पर कार्रवाई की जा रही है।


गिरफ्तार लोगों की भूमिका को लेकर भी जताई शंका

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि अब तक जिन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है, वे केवल निचले स्तर के लोग हैं। उनके अनुसार यदि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जाए तो और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक जांच पहुंचनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से इस समाचार के प्रकाशन तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


पुरानी जांच का भी किया जिक्र

केजरीवाल ने वर्ष २०२१ में अयोध्या की भूमि से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी जांच की घोषणा हुई थी, लेकिन उसके परिणाम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल जांच समिति बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग दोहराई।


राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी हलचल

राममंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर लगातार अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अरविंद केजरीवाल के ताजा बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार और जांच एजेंसियां इन सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है।