मछली पालन के नाम पर गंदा खेल उजागर

हैदराबाद में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में मछली पालन के नाम पर चल रहे बड़े अवैध नेटवर्क का खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान 90 टन सड़ा हुआ मुर्गा अपशिष्ट और सात वाहन जब्त किए गए हैं।

मछली पालन के नाम पर गंदा खेल उजागर

दि राइजिंग न्यूज़ | हैदराबाद | 10 जून 2026

हैदराबाद में पुलिस और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में मछली पालन के नाम पर चल रहे एक बड़े अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य मिलावट निगरानी दल और पशु चिकित्सा विभाग की सहायता से कई इलाकों में छापेमारी कर लगभग 90 टन सड़ा हुआ मुर्गा अपशिष्ट और सात वाहनों को जब्त किया गया है।

कई इलाकों में एक साथ छापेमारी

जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और शहर की पोल्ट्री दुकानों से निकलने वाले कचरे को इकट्ठा कर दूसरे राज्यों तक पहुंचा रहा था। अधिकारियों के अनुसार इस अपशिष्ट को बिना किसी अनुमति और सुरक्षा मानकों के एकत्र किया जाता था।

कम लागत में ज्यादा मुनाफे का खेल

बताया गया कि आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी और तेलंगाना के नलगोंडा क्षेत्रों में इस सड़े हुए अपशिष्ट को मछलियों के चारे के रूप में बेचा जा रहा था। इसका उद्देश्य उत्पादन लागत कम करके अधिक मुनाफा कमाना था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का अपशिष्ट बैक्टीरिया विषाणु और अन्य खतरनाक रोगाणुओं से भरा हो सकता है।

जनस्वास्थ्य पर बड़ा खतरा

जब इस सामग्री का उपयोग मछली पालन में किया जाता है तो जल स्रोत प्रदूषित होते हैं और हानिकारक तत्व खाद्य श्रृंखला के माध्यम से मनुष्यों तक पहुंच सकते हैं। इससे खाद्य विषाक्तता पेट संबंधी रोग और गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।

कई लोगों पर मुकदमा दर्ज

पुलिस ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े संचालकों परिवहनकर्ताओं और अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित अवैध कारोबार हो सकता है जिसकी पहुंच कई राज्यों तक फैली हुई है।

वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया अपशिष्ट

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम ने जब्त किए गए 90 टन अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया है ताकि किसी प्रकार का संक्रमण न फैल सके। प्रशासन ने मछली पालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि सड़े हुए पोल्ट्री अपशिष्ट का उपयोग न करें और ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा।