होर्मुज में बढ़ा खतरा तीन दिनों में तीन हमले

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में समुद्री खतरा बढ़ गया है। तीन दिनों में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले हुए, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई।

होर्मुज में बढ़ा खतरा तीन दिनों में तीन हमले

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 जून 2026

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री रास्तों पर भी दिखाई देने लगा है। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी भारतीय नाविकों के लिए खतरे का क्षेत्र बनते जा रहे हैं। पिछले 72 घंटे में भारतीय क्रू वाले तीन जहाजों से जुड़ी गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई।

तीन दिनों में तीन बड़े समुद्री हादसे

8 जून को ओमान के दक्षिण पूर्वी तट के पास एक जहाज पर अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई हुई। मैरीवेक्स नाम के टैंकर पर हमला किया गया, जिसमें 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। हमले में किसी भारतीय की मौत नहीं हुई, लेकिन जहाज को भारी नुकसान पहुंचा और उसमें आग लग गई। इसके बाद 9 और 10 जून की रात ऑयल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हमला हुआ। इस जहाज पर भी भारतीय नाविक मौजूद थे। 21 नाविकों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन तीन भारतीय नाविक लापता हो गए। बाद में भारत सरकार ने तीनों की मौत की पुष्टि की।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव वाले समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर सीधी सैन्य कार्रवाई से खतरे बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि जहाजों को रोकने या जांच जैसे विकल्पों के बावजूद सैन्य कार्रवाई से जानमाल का नुकसान हुआ। इस घटना के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक इस समुद्री मार्ग से जुड़े जहाजों पर काम कर रहे हैं।

एमटी जलवीर घटना में सभी भारतीय सुरक्षित

11 जून को एमटी जलवीर नाम के जहाज से जुड़ी एक और समुद्री सुरक्षा घटना सामने आई। ओमान के पास संकट में फंसे इस जहाज पर 21 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के अनुसार सभी नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी को चोट नहीं आई। हालांकि तीन दिनों के भीतर भारतीय क्रू वाले जहाजों से जुड़ी तीन घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि इन घटनाओं में शामिल जहाज भारतीय स्वामित्व वाले नहीं थे, बल्कि विदेशी झंडे वाले जहाज थे। हालांकि इनमें काम करने वाले कई नाविक भारतीय थे। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखने की बात कही है।

होर्मुज में हजारों भारतीय नाविक मौजूद

शिपिंग मंत्रालय के अनुसार इस इलाके में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक मौजूद हैं। भारतीय झंडे वाले कई जहाजों पर सैकड़ों भारतीय नाविक तैनात हैं, जबकि विदेशी जहाजों पर भी हजारों भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है।

अमेरिका ने कार्रवाई को बताया जरूरी

अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उसने उन जहाजों पर कार्रवाई की जो ईरानी बंदरगाहों से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे थे। अमेरिका ने दावा किया कि कुछ जहाजों ने चेतावनी के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद कार्रवाई करनी पड़ी। अमेरिकी नौसेना के अनुसार क्षेत्र में निगरानी और समुद्री नियंत्रण अभियान जारी है।

होर्मुज का संकट बढ़ा रहा वैश्विक चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा चिंता उन भारतीय नाविकों को लेकर है जो इस संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।