जल संकट की चपेट में पंजाब हरियाणा
देश के अन्न भंडार कहे जाने वाले पंजाब और हरियाणा में भूजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। किसानों को गहरी बोरिंग, बढ़ती सिंचाई लागत और पानी की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | पंजाब हरियाणा | 12 जून 2026
देश के अन्न भंडार कहे जाने वाले पंजाब और हरियाणा में पानी का संकट अब गंभीर खतरे की ओर बढ़ रहा है। कभी हरियाली और भरपूर पैदावार के लिए पहचाने जाने वाले इन राज्यों में गिरता भूजल स्तर किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। कई इलाकों में किसान पानी के लिए ज्यादा गहरी बोरिंग कराने को मजबूर हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ती जा रही है।
पंजाब में भूजल संकट ने बढ़ाई चिंता
पंजाब में भूजल का अत्यधिक इस्तेमाल अब बड़ी समस्या बन चुका है। राज्य में भूजल दोहन की स्थिति चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है और कई क्षेत्र अत्यधिक दोहन वाले इलाकों में शामिल हो चुके हैं। फाजिल्का, मानसा और संगरूर जैसे जिलों में पानी की कमी का असर खेती और आम जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। बासमती खेती पंजाब की पहचान है और इससे किसानों को अच्छा लाभ मिलता है, लेकिन इसकी खेती में पानी की ज्यादा जरूरत होती है। लगातार भूजल पर निर्भरता के कारण कई इलाकों में जमीन के नीचे पानी का स्तर तेजी से गिर रहा है।
मानसा संगरूर में किसानों की बढ़ी मुश्किलें
मानसा और संगरूर में किसानों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा गहराई तक बोरिंग करानी पड़ रही है। जिन जगहों पर पहले कम खर्च में पानी मिल जाता था, वहां अब लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी पानी की उपलब्धता चुनौती बन गई है। किसानों का कहना है कि हर साल पानी नीचे जा रहा है और सिंचाई का खर्च बढ़ता जा रहा है। इसका असर छोटे और मध्यम किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
चरखी दादरी में बढ़ता रेगिस्तान का खतरा
हरियाणा के चरखी दादरी में जल संकट का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। कई गांवों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और किसानों को काफी गहरी बोरिंग करानी पड़ रही है। कई इलाकों में पानी के लिए पहले जितनी मेहनत नहीं करनी पड़ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। बढ़ती लागत के कारण छोटे किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
सोनीपत रोहतक में पेयजल की समस्या
हरियाणा के सोनीपत के कई क्षेत्रों में साफ पेयजल की समस्या बढ़ रही है। वहीं रोहतक के कुछ इलाकों में पानी की उपलब्धता होने के बावजूद गुणवत्ता खराब होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को पीने के पानी और खेती दोनों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
जल संरक्षण को लेकर सरकार की तैयारी
हरियाणा में कई क्षेत्रों को जल संकट वाले इलाकों के रूप में चिन्हित किया गया है। सरकार की ओर से तालाबों की सफाई, जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था सुधारने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। केवल योजनाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। पानी बचाने वाली खेती, भूजल पुनर्भरण, बेहतर नहर व्यवस्था और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देना जरूरी है। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो देश के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में जल संकट और गंभीर हो सकता है।