भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बढ़ीं उम्मीदें
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरे को संभावित व्यापार समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 जून 2026
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को मिली नई गति
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापारिक बातचीत अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर इस सप्ताह महत्वपूर्ण बैठकें होने जा रही हैं।अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे।
उच्चस्तरीय बैठकें होंगी आयोजित
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।सूत्रों के अनुसार बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते, संयुक्त बयान तथा व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देश आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने दी जानकारी
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने 21 जून को जेमिसन ग्रीर के भारत दौरे की पुष्टि की थी।भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी सामाजिक मंचों के माध्यम से इस यात्रा की जानकारी साझा की और इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मोदी-ट्रंप वार्ता के बाद बढ़ी गतिविधियां
यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद हो रहा है।जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात में व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और लंबित समझौतों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।अमेरिका का कहना है कि जेमिसन ग्रीर का भारत दौरा उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का हिस्सा है।
फरवरी 2025 से चल रही है बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर औपचारिक बातचीत फरवरी 2025 में शुरू हुई थी।तब से दोनों देशों के अधिकारी कई दौर की वार्ताएं कर चुके हैं। हालांकि अभी तक अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है।फिर भी दोनों पक्ष लगातार बातचीत कर रहे हैं और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति होने की जानकारी सामने आई है।
अंतरिम समझौते पर पहले ही हो चुका है ऐलान
दोनों देशों ने पहले अंतरिम व्यापार समझौते की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया था।हालांकि व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई पहलुओं पर अभी भी चर्चा जारी है। इसी कारण इस सप्ताह होने वाली वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है।
व्यापारिक संबंध लगातार हो रहे मजबूत
भारत और अमेरिका वर्तमान समय में एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं।पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। इसमें वस्तुओं और सेवाओं दोनों का बड़ा योगदान है।दोनों सरकारों ने आने वाले वर्षों में इस आंकड़े को और बढ़ाने की इच्छा जताई है।
किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार आगामी बैठकों में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठ सकते हैं।भारत अमेरिका से कुछ उत्पादों पर शुल्क कम करने और बाजार पहुंच आसान बनाने की मांग कर सकता है।वहीं अमेरिका भारतीय बाजार में अपने कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं के लिए अधिक अवसर चाहता है।इन मुद्दों पर सहमति बनने की स्थिति में समझौते को अंतिम रूप देने का रास्ता आसान हो सकता है।
निवेश और व्यापार विस्तार पर रहेगा फोकस
बैठक में केवल शुल्क और आयात-निर्यात ही नहीं बल्कि निवेश, आपूर्ति श्रृंखला, प्रौद्योगिकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।दोनों देश वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच अपने व्यापारिक संबंधों को अधिक मजबूत और स्थिर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
जल्द लग सकती है अंतिम मुहर
अधिकारियों के अनुसार अभी बातचीत जारी है, लेकिन कई बिंदुओं पर सकारात्मक प्रगति हुई है।इसी कारण उम्मीद जताई जा रही है कि निकट भविष्य में भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अंतिम सहमति बन सकती है।यदि यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो इससे दोनों देशों के व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी तथा वैश्विक व्यापार पर भी इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।