नीट पेपर लीक मामला अहमदाबाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का विरोध, काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन, कई हिरासत में
नीट पेपर लीक मामले को लेकर अहमदाबाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दौरे के दौरान भारी विरोध देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। यह मामला अब देशभर में बड़ा राजनीतिक और शैक्षिक विवाद बन गया है।
दि राइजिंग न्यूज | 14 मई 2026
देश में चल रहे नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच गुरुवार को यह विरोध उस समय और तेज हो गया जब देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अहमदाबाद दौरे पर पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के काफिले का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
अहमदाबाद दौरे पर मंत्री को मिला भारी विरोध
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब अहमदाबाद पहुंचे तो वहां पहले से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे। जैसे ही उनका काफिला इलाके से गुजरा, लोगों ने काले झंडे दिखाकर जोरदार विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग की। माहौल तनावपूर्ण होता देख पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाकर मंत्री के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ रहा गुस्सा
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और उनके अभिभावकों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई जगहों पर लगातार प्रदर्शन और विरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं। छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती हैं। अभिभावकों का भी मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। इसी गुस्से का असर अब राजनीतिक कार्यक्रमों में भी दिखाई देने लगा है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
मंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही प्रदर्शनकारी मंत्री के काफिले की ओर बढ़ने लगे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए, इसलिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
एनएसयूआई ने दी थी विरोध की चेतावनी
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय छात्र संगठन की ओर से पहले ही विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। इसी कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क था और कार्यक्रम को गोपनीय रखा गया था। इसके बावजूद कई छात्र संगठन और प्रदर्शनकारी मौके पर पहुंचने में सफल रहे। विरोध के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ा विवाद
नीट पेपर लीक मामला अब केवल परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। शिक्षा मंत्री के विरोध की घटना के बाद यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो गया है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक हलचल और तेज हो सकती है।