ईरान-अमेरिका तनाव: धमकियों से नहीं डरेगा तेहरान, इजराइल पर बातचीत बिगाड़ने का आरोप...

ईरान ने अमेरिका की धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा। तेहरान ने इजराइल पर अमेरिका-ईरान बातचीत बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया है। होर्मुज स्ट्रेट और परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

ईरान-अमेरिका तनाव: धमकियों से नहीं डरेगा तेहरान, इजराइल पर बातचीत बिगाड़ने का आरोप...

दि राइजिंग न्यूज | अमेरिका |  25 मई 2026

तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजराइल को लेकर बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ईस्माइल बघाई ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश अमेरिका की धमकियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दबाव में आकर अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। बघाई ने यह भी कहा कि अमेरिका पर भरोसा करना आसान नहीं है, क्योंकि पहले भी कई बार वॉशिंगटन समझौतों से पीछे हट चुका है। ऐसे में इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अमेरिका भविष्य में किसी संभावित समझौते का पूरी तरह पालन करेगा। ईस्माइल बघाई ने इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इजराइली शासन लगातार अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक इजराइल नहीं चाहता कि क्षेत्र में शांति कायम हो या दोनों देशों के बीच कोई समझौता हो सके।

अमेरिका-ईरान समझौते पर अभी भी बना गतिरोध

रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने और संघर्ष विराम बढ़ाने को लेकर बड़ा समझौता कर सकते हैं। हालांकि दिनभर चली चर्चाओं के बाद भी किसी औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो सके। ईरान ने ओमान के जरिए अमेरिका तक अपना संदेश पहुंचाया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची का विशेष संदेश ओमान के विदेश मंत्री को सौंपा गया, जिसे आगे अमेरिकी पक्ष तक पहुंचाया गया। 

इजराइल की बढ़ी चिंता, नेतन्याहू ने दिया बड़ा बयान

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से इजराइल में बेचैनी बढ़ गई है। इजराइली अधिकारियों का मानना है कि यदि समझौता होता है तो ईरान भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दुनिया पर दबाव बनाने के हथियार के रूप में कर सकता है। इजराइल को यह भी डर है कि किसी समझौते के बाद ईरान को आर्थिक और राजनीतिक मजबूती मिल सकती है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक चिंता का केंद्र

दुनिया की नजर अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज पूरी तरह बंद होता है या वहां सैन्य तनाव बढ़ता है तो दुनियाभर में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। कई देशों में तेल की कीमतें पहले ही तेजी से बढ़ चुकी हैं। भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोगों पर सीधा असर पड़ रहा है। सिंगापुर की ऊर्जा विशेषज्ञ जून गोह का कहना है कि भले ही आने वाले दिनों में कोई समझौता हो जाए, लेकिन हालात तुरंत सामान्य नहीं होंगे। 

चीन और पाकिस्तान की बढ़ी भूमिका

इस पूरे घटनाक्रम में चीन और पाकिस्तान की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ चीन पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिशों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पिछले दिनों असीम मुनीर ईरान भी गए थे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय तनाव कम करने और युद्ध रोकने को लेकर कई अहम बैठकें की थीं। वहीं चीन ने भी बयान जारी कर कहा है कि वह पश्चिम एशिया में जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी

ईरान ने अमेरिका पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसकी अरबों डॉलर की विदेशी संपत्तियां जब्त कर रखी हैं। इसके अलावा तेहरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका जानबूझकर क्षेत्र में युद्ध और अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि अमेरिका या इजराइल ने उसके परमाणु ठिकानों पर हमला किया तो उसका जवाब बेहद कड़ा होगा। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

बढ़ता ऊर्जा संकट और दुनिया पर असर

ईरान-अमेरिका तनाव का असर अब केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रह गया है। इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और कई देशों में ईंधन महंगा हो चुका है। भारत में भी मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। इससे दुनिया भर में महंगाई, आर्थिक दबाव और व्यापारिक संकट बढ़ने की आशंका है।फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान बातचीत, होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर बनी हुई है।