ट्रंप की बड़ी चेतावनी, रुके ईरान-इजरायल संघर्ष
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों से तत्काल गोलीबारी रोकने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि शांति समझौता निकट है और सभी पक्षों को सैन्य कार्रवाई छोड़कर वार्ता का रास्ता अपनाना चाहिए।
दि राइजिंगन्यूज़। वॉशिंगटन ।8 जून 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच युद्धविराम की पहल, आने वाले दिनों में समझौते की संभावना जताई
मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल से तत्काल गोलीबारी रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अब सैन्य कार्रवाई बंद कर बातचीत के रास्ते पर लौटना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। उनके अनुसार यदि सभी पक्ष संयम बरतें तो आने वाले कुछ दिनों में शांति समझौते पर सहमति बन सकती है।
दोनों देशों से तुरंत संघर्ष रोकने की अपील
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सामाजिक माध्यम मंच पर साझा संदेश में कहा कि ईरान और इजरायल को तत्काल एक-दूसरे पर हमले बंद कर देने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से किसी भी पक्ष को स्थायी लाभ नहीं मिलेगा, जबकि क्षेत्रीय अस्थिरता और अधिक बढ़ सकती है। ट्रंप का मानना है कि मौजूदा परिस्थिति में बातचीत ही एकमात्र ऐसा रास्ता है जो लंबे समय से चले आ रहे तनाव को समाप्त कर सकता है। उन्होंने दोनों देशों से धैर्य और समझदारी दिखाने का आग्रह किया।
शांति समझौते को लेकर जताई आशा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शांति स्थापित करने के प्रयास अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं और सकारात्मक परिणाम की संभावना दिखाई दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी पक्ष सहयोग करें तो बहुत जल्द एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप के अनुसार लगातार चल रही कूटनीतिक बातचीत से समाधान का रास्ता निकल रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध के बजाय संवाद को प्राथमिकता देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
ईरान से वार्ता की मेज पर लौटने का आग्रह
ट्रंप ने ईरान को भी संदेश देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वह फिर से बातचीत की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हो। उनका कहना था कि सैन्य कार्रवाई से केवल तनाव बढ़ता है, जबकि वार्ता से स्थायी समाधान निकल सकता है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व से संयम बरतने और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की अपील की। ट्रंप ने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ कदम उठाने होंगे।
इजरायल से जवाबी कार्रवाई से बचने की सलाह
अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यदि इजरायल जवाबी हमला करता है तो संघर्ष और अधिक लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि अतीत में भी ऐसी परिस्थितियों ने क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ाया है और इसका नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ा है। ट्रंप का मानना है कि वर्तमान समय में संयम दिखाना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इजरायली नेतृत्व शांति प्रक्रिया को प्राथमिकता देगा और हालात को और गंभीर नहीं बनने देगा।
नेतन्याहू के साथ हुई महत्वपूर्ण बातचीत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर आग्रह किया कि किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से बचा जाए ताकि चल रही शांति वार्ता प्रभावित न हो। ट्रंप का मानना है कि इस समय उठाया गया कोई भी आक्रामक कदम महीनों की कूटनीतिक मेहनत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए उन्होंने सभी पक्षों से सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की अपील की।
लेबनान में सैन्य कार्रवाई पर भी जताई नाराजगी
ट्रंप ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हुए इजरायली हमलों को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों के बीच ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार किसी भी प्रकार की नई सैन्य कार्रवाई शांति प्रक्रिया को कमजोर कर सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी देशों को संघर्ष बढ़ाने के बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए।
मध्य पूर्व में शांति की ओर बढ़ते कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका की मध्यस्थता से ईरान और इजरायल के बीच संवाद आगे बढ़ता है तो क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी लगातार युद्धविराम और शांतिपूर्ण समाधान की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में होने वाली कूटनीतिक गतिविधियां इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती हैं। फिलहाल दुनिया की नजरें संभावित शांति समझौते और उससे जुड़ी घोषणाओं पर टिकी हुई हैं।