इजरायल ने फिर खोला लेबनान मोर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के 24 घंटे के भीतर इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई और तोपखाना हमले किए हैं। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में स्थायी शांति की संभावनाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

इजरायल ने फिर खोला लेबनान मोर्चा

दि राइजिंग न्यूज़ | तेल अवीव | 16 जून 2026

शांति समझौते के बाद बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच घोषित शांति समझौते के बाद मध्य पूर्व में स्थिरता की उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ता दिखाई दिया। रिपोर्टों के अनुसार इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हवाई और तोपखाना हमले किए हैं।

दक्षिणी लेबनान में कई ठिकाने बने निशाना

ईरानी समाचार एजेंसी आईआरआईबी ने लेबनानी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि जवतार, मरकबा और खियाम सहित दक्षिणी लेबनान के कई क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। हमलों में हवाई कार्रवाई के साथ आर्टिलरी शेलिंग भी शामिल रही। हालांकि तत्काल किसी बड़े जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

संघर्ष विराम की कोशिशों को झटका

इजरायल और लेबनान सीमा पर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष विराम को बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन ताजा हमलों ने इन प्रयासों को झटका दिया है। स्थानीय प्रशासन और मीडिया स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

विस्थापित लोगों को चेतावनी

दक्षिणी लेबनान के अधिकारियों ने संघर्ष के कारण अपने घरों से विस्थापित हुए लोगों को फिलहाल वापस न लौटने की सलाह दी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और जल्दबाजी खतरनाक साबित हो सकती है।

ट्रंप के बयान पर उठे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा करते हुए कहा था कि इसके बाद लेबनान सहित क्षेत्र के विभिन्न मोर्चों पर हिंसा में कमी आएगी। लेकिन ताजा घटनाक्रम ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समझौते के बावजूद क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह समाप्त होता नहीं दिख रहा है।

सेना हटाने से इजरायल का इनकार

इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह दक्षिणी लेबनान में कब्जे वाले इलाकों से अपनी सेना नहीं हटाएगा। इजरायली नेतृत्व का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए मौजूदा रणनीतिक स्थिति बरकरार रखी जाएगी।

बेन-ग्विर का सख्त रुख

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने कहा है कि अमेरिका द्वारा किए गए किसी भी समझौते से इजरायल स्वतः बाध्य नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है तथा अपनी सुरक्षा संबंधी फैसले स्वयं करेगा।

क्षेत्रीय संकट अभी बरकरार

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते के बावजूद इजरायल, लेबनान और हिज़्बुल्लाह से जुड़े विवाद अभी भी क्षेत्रीय अस्थिरता का बड़ा कारण बने हुए हैं। ऐसे में मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।