केतन हत्याकांड में पासपोर्ट बना अहम सुराग

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया और महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सिया गोयल ने बाली यात्रा रद्द करवाने के लिए केतन का पासपोर्ट फाड़कर वॉशरूम में फ्लश कर दिया था। मामले में डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और संभावित साजिश के अन्य पहलुओं की गहन जांच जारी है।

केतन हत्याकांड में पासपोर्ट बना अहम सुराग

दि राइजिंग न्यूज़ | पुणे | 30 जून 2026

केतन हत्याकांड में सामने आया नया खुलासा

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसा सुराग मिला है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल ने बाली यात्रा रद्द करवाने के उद्देश्य से केतन अग्रवाल का पासपोर्ट फाड़कर खोपोली स्थित एक फूड मॉल के वॉशरूम में फ्लश कर दिया था। पुलिस का मानना है कि यह घटना केवल एक यात्रा रद्द करवाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि कथित हत्या की साजिश से भी जुड़ी हो सकती है।

बाली यात्रा और हत्या के बीच तलाशा जा रहा संबंध

जांच के अनुसार 6 जून को केतन अग्रवाल और सिया गोयल की बाली यात्रा प्रस्तावित थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यात्रा रद्द होने के बाद दोनों के बीच क्या घटनाक्रम हुआ और क्या इसका संबंध बाद में हुई हत्या से है। अधिकारियों का मानना है कि पासपोर्ट नष्ट करने की घटना हत्या की कथित योजना का हिस्सा हो सकती है।

मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य जांच के केंद्र में

पुलिस ने अदालत को बताया कि वारदात के बाद कुछ समय तक केतन अग्रवाल का मोबाइल फोन सिया गोयल के पास रहा था। बाद में यह मोबाइल फोन परिवार को सौंप दिया गया। अब फॉरेंसिक विशेषज्ञ मोबाइल से हटाए गए डाटा को दोबारा प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जा रही है।जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों से हत्या की साजिश के कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा हो सकता है। इसी कारण तकनीकी जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।

पूर्व नियोजित साजिश की आशंका

जांच अधिकारी और पुलिस निरीक्षक मनोज पवार ने अदालत में बताया कि शुरुआती जांच इस ओर संकेत कर रही है कि वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है। पुलिस के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी अलग-अलग स्थानों पर मिलते थे और वहीं कथित रूप से पूरी योजना तैयार की गई थी।पुलिस का यह भी कहना है कि मामले से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य जानबूझकर मिटाए गए हैं। फॉरेंसिक टीम अब इन साक्ष्यों को पुनः प्राप्त कर रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके।

तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी जांच

जांच एजेंसियां इस संभावना को भी खारिज नहीं कर रही हैं कि हत्या की साजिश में केवल दो आरोपी ही नहीं बल्कि कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। अदालत में पुलिस ने कहा कि यही कारण है कि दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ आवश्यक है।जांचकर्ताओं के अनुसार चेतन चौधरी ने वारदात से पहले किले पर कुछ लोगों से संपर्क किया था। उन व्यक्तियों की पहचान और बातचीत की प्रकृति की जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या इन संपर्कों का संबंध हत्या की योजना से था।

घटनास्थल का पुनर्निर्माण पूरा

पुलिस ने बताया कि सिया गोयल के साथ घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराया जा चुका है। अब चेतन चौधरी के साथ भी इसी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इसके जरिए पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और आरोपियों के बयानों का सत्यापन करने का प्रयास कर रही है।

3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में आरोपी

वडगांव मावल स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है। अदालत ने दोनों को चार दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड पर भेजते हुए जांच एजेंसी को आगे की पूछताछ की अनुमति दी है।पुलिस का कहना है कि इस अवधि के दौरान डिजिटल साक्ष्यों की जांच, मोबाइल डाटा रिकवरी, कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण और आमने-सामने पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

बचाव पक्ष ने उठाए सवाल

सिया गोयल की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता विपुल दुशिंग ने पुलिस की अतिरिक्त रिमांड की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष और कानून के दायरे में होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी आरोपी को पुलिस हिरासत में अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।बचाव पक्ष ने कुछ अन्य पहलुओं की भी जांच की मांग उठाई और कहा कि मामले के सभी तथ्यों को निष्पक्ष रूप से परखा जाना चाहिए।

जांच में तेजी, कई खुलासों की उम्मीद

केतन अग्रवाल हत्याकांड फिलहाल जांच के अहम चरण में पहुंच चुका है। पासपोर्ट फ्लश करने के दावे, रद्द हुई बाली यात्रा, डिजिटल साक्ष्यों की रिकवरी और संभावित साजिश की परतें खोलने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस चर्चित मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।