बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला, जेई को बेलचे से पीटा...
लखनऊ में बिजली चोरी पकड़ने गई विद्युत विभाग और सतर्कता दल की टीम पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। कनिष्ठ अभियंता को बेलचे और डंडों से पीटा गया, जबकि कर्मचारियों को डराने के लिए पालतू कुत्ता भी छोड़ दिया गया। पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में जांच शुरू कर दी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 28 मई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिजली चोरी की शिकायत पर जांच करने पहुंची विद्युत विभाग और सतर्कता दल की टीम पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में कनिष्ठ अभियंता को बेलचे और डंडों से बुरी तरह पीटा गया, जबकि कर्मचारियों को डराने के लिए पालतू कुत्ता भी छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और विभागीय कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बिजली चोरी की शिकायत पर पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार, इलाके में लंबे समय से अवैध बिजली उपयोग और चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर विद्युत विभाग और सतर्कता दल की संयुक्त टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। टीम जैसे ही एक मकान में जांच करने लगी, वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। पहले बहस हुई और फिर देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
कनिष्ठ अभियंता पर बेलचे और डंडों से हमला
आरोप है कि जांच का विरोध कर रहे लोगों ने अचानक टीम पर हमला बोल दिया। कनिष्ठ अभियंता को निशाना बनाते हुए आरोपियों ने बेलचे, डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। हमले में अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह खुद को बचाया और जान बचाकर वहां से निकलने की कोशिश की।
सरकारी कर्मचारियों को डराने के लिए छोड़ा कुत्ता
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने सरकारी कार्रवाई रोकने के लिए बेहद आक्रामक तरीका अपनाया। कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की गई और सरकारी दस्तावेज छीनने का प्रयास भी किया गया। जब टीम के सदस्य पीछे हटने लगे तो आरोपियों ने पालतू कुत्ता छोड़ दिया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
विभागीय अधिकारियों में भारी नाराजगी
घटना के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। जानकीपुरम क्षेत्र के मुख्य अभियंता बीपी सिंह ने कहा कि टीम पूरी तरह सरकारी आदेश के तहत जांच करने गई थी। उन्होंने बताया कि बिजली चोरी की पुष्टि के बाद कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन आरोपियों ने कानून हाथ में लेकर हमला कर दिया। विभाग ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की सख्त कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और मारपीट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी तरह का तनाव न फैले। पुलिस आसपास लगे निगरानी उपकरणों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
राजधानी लखनऊ में सरकारी टीम पर हुए इस हमले ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करना मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के साथ विशेष जांच अभियान चलाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।