कॉकरोच पार्टी विवाद से दूरी बनाते दिखे मनोज झा, बोले- सिर्फ स्थान दिलाने के लिए लिखा था पत्र
संविधान क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के लिए लिखे गए एक सिफारिशी पत्र को लेकर उठे विवाद के बीच राजद सांसद मनोज झा ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने केवल कार्यक्रम आयोजन के लिए स्थान उपलब्ध कराने में सहायता की थी। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी से किसी भी प्रकार के राजनीतिक संबंध से इनकार किया है, जबकि संबंधित संगठन भी स्वयं को किसी दल से स्वतंत्र बता रहा है
दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 05 जून 2026
राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस पत्र को लेकर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने संविधान क्लब में एक प्रेस वार्ता के लिए स्थान उपलब्ध कराने की सिफारिश की थी। मनोज झा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल एक पत्रकार और कुछ परिचित लोगों के अनुरोध पर प्रेस वार्ता के लिए स्थान उपलब्ध कराने संबंधी पत्र दिया था और उनका तथाकथित "कॉकरोच जनता पार्टी" से कोई राजनीतिक संबंध नहीं है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
कुछ दिन पहले "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम से चल रहे एक अभियान ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। यह अभियान खुद को युवाओं, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और सरकारी नीतियों के खिलाफ व्यंग्यात्मक विरोध के रूप में पेश करता है। इसी दौरान एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें राज्यसभा सांसद मनोज झा ने नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित करने के लिए स्थान उपलब्ध कराने की सिफारिश की थी। पत्र सामने आते ही राजनीतिक बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या मनोज झा या उनकी पार्टी इस अभियान का समर्थन कर रही है।
मनोज झा ने क्यों दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद मनोज झा ने सार्वजनिक रूप से सफाई दी।
उन्होंने कहा कि:
- उन्होंने केवल प्रेस वार्ता के लिए स्थान उपलब्ध कराने हेतु सिफारिश की थी।
- उनसे कार्यक्रम के आयोजकों ने संपर्क किया था।
- उन्हें यह नहीं बताया गया था कि कार्यक्रम बाद में इतना बड़ा राजनीतिक विवाद बन जाएगा।
- किसी को सभागार या प्रेस वार्ता के लिए स्थान दिलाना राजनीतिक समर्थन नहीं माना जा सकता।
मनोज झा का कहना है कि सांसद होने के नाते उन्हें अक्सर विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और नागरिक मंचों की ओर से ऐसे अनुरोध मिलते रहते हैं।
संविधान क्लब का महत्व क्या है
नई दिल्ली का संविधान क्लब राजनीतिक, सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए एक प्रमुख स्थान माना जाता है। यहां अक्सर:
- राजनीतिक दलों की प्रेस वार्ताएं
- सामाजिक संगठनों के कार्यक्रम
- छात्र संगठनों के सम्मेलन
- जन आंदोलनों से जुड़े कार्यक्रम
आयोजित होते रहते हैं। इसलिए किसी कार्यक्रम के लिए सभागार उपलब्ध कराने का अर्थ यह नहीं माना जाता कि स्थान की सिफारिश करने वाला व्यक्ति उस संगठन की विचारधारा से सहमत है।
कॉकरोच जनता पार्टी आखिर है क्या
यह कोई मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं है। जानकारी के अनुसार यह एक व्यंग्यात्मक अभियान है जो खुद को व्यवस्था विरोधी जन आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करता है। इसके आयोजकों का दावा है कि:
- उनका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है।
- उनका उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को उजागर करना है।
- वे बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि आलोचकों का आरोप है कि यह अभियान राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित हो सकता है।
राजनीतिक विवाद क्यों बढ़ा
पत्र वायरल होने के बाद विरोधी पक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अप्रत्यक्ष रूप से इस अभियान को समर्थन दे रहे हैं। दूसरी ओर राजद नेताओं का कहना है कि:
- केवल एक सिफारिशी पत्र को राजनीतिक समर्थन का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
- मनोज झा का उस संगठन की गतिविधियों से कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है।
- विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।
आगे क्या हो सकता है
फिलहाल इस मामले में कोई कानूनी विवाद सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर चर्चा जारी है। यदि भविष्य में यह अभियान किसी राजनीतिक दल से जुड़ा पाया जाता है तो विवाद और गहरा सकता है। वहीं यदि यह केवल एक स्वतंत्र सामाजिक अभियान साबित होता है तो मनोज झा की सफाई को पर्याप्त माना जा सकता है। पूरा विवाद एक सिफारिशी पत्र से शुरू हुआ, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक अर्थ निकाले जाने लगे। मनोज झा ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने केवल प्रेस वार्ता के लिए स्थान उपलब्ध कराने में मदद की थी और उनका तथाकथित "कॉकरोच जनता पार्टी" से कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। दूसरी ओर अभियान चलाने वाले लोग भी किसी राजनीतिक दल से जुड़े होने के आरोपों को खारिज कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।