नौकरी का झांसा, 6 लाख डूबे... युवक की दर्दनाक मौत

मेरठ के मवाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये की कथित ठगी से परेशान एक युवक ने वीडियो बनाकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और उसके बाद जीवन समाप्त कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

नौकरी का झांसा, 6 लाख डूबे... युवक की दर्दनाक मौत

दि राइजिंग न्यूज़ | मेरठ | 26 जून 2026

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां मवाना क्षेत्र के एक युवक ने नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का शिकार होने के बाद अपना जीवन समाप्त कर लिया। घटना से पहले युवक ने एक वीडियो बनाकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उसने उन लोगों के नाम भी बताए जिन पर पैसे लेने और नौकरी का झांसा देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।


नौकरी दिलाने का भरोसा देकर लिए गए लाखों रुपये

परिजनों के अनुसार युवक को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि इस भरोसे के बदले अलग-अलग किस्तों में उससे करीब छह लाख रुपये लिए गए। लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने पर युवक लगातार संबंधित लोगों से संपर्क करता रहा, लेकिन उसे केवल आश्वासन ही मिलता रहा। इसी कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगा और आर्थिक संकट भी गहराता चला गया।


वीडियो में सुनाया अपना दर्द

जीवन समाप्त करने से पहले युवक ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में उसने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर उससे बड़ी रकम ली गई, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही उसके रुपये लौटाए गए। युवक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार धोखा मिलने के कारण वह पूरी तरह टूट चुका है। पुलिस ने इस वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए अपने कब्जे में ले लिया है।


परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था, वही युवक की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते रुपये वापस कर दिए जाते या नौकरी के बारे में सही जानकारी दी जाती तो शायद यह दुखद घटना नहीं होती। परिवार ने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की अपील की है।


पुलिस ने शुरू की गहन जांच

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। युवक के मोबाइल फोन, वीडियो और अन्य दस्तावेजों को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो, परिजनों के बयान और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।


नौकरी के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे

पिछले कुछ वर्षों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बेरोजगारी का फायदा उठाकर कई गिरोह युवाओं को सरकारी या निजी नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। बाद में या तो संपर्क तोड़ देते हैं या लगातार झूठे वादे करते रहते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस बार-बार लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न देने की अपील करती रही है।


विशेषज्ञों ने युवाओं से की सतर्क रहने की अपील

विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और वैधता की जांच करना बेहद जरूरी है। केवल सरकारी भर्ती बोर्डों और अधिकृत संस्थाओं द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के बदले धन की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग से करनी चाहिए। जागरूकता ही ऐसी घटनाओं से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।