बचपन के दर्द पर छलका अभिनेत्री का दर्द
अभिनेत्री शिवांगी जोशी ने एक कार्यक्रम में बचपन के दर्दनाक अनुभव का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि परिवार के समय पर हस्तक्षेप से बड़ी अनहोनी टल गई थी। इस घटना के बाद वह कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकल सकीं और परिवार ने उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती।
दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 29 जुलाई 2026
लोकप्रिय अभिनेत्री शिवांगी जोशी ने एक चर्चित कार्यक्रम के दौरान अपने बचपन से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। अभिनेत्री ने बताया कि कम उम्र में उनके साथ एक करीबी रिश्तेदार द्वारा अनुचित व्यवहार करने की कोशिश की गई थी। इस घटना ने न केवल उनके मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा, बल्कि पूरे परिवार को भी झकझोर कर रख दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद लंबे समय तक वह भय और असुरक्षा की भावना से जूझती रहीं तथा कई दिनों तक घर से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सकीं।
बचपन की घटना ने बदल दी जिंदगी की दिशा
कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए शिवांगी जोशी ने कहा कि बचपन में हुई वह घटना आज भी उनके मन में ताजा है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति पर परिवार भरोसा करता था, उसी ने उनके साथ ऐसा व्यवहार करने की कोशिश की, जिसने उन्हें अंदर तक डरा दिया। उस समय उनकी उम्र इतनी कम थी कि वह पूरी स्थिति को समझ नहीं पा रही थीं, लेकिन उन्हें यह एहसास जरूर हो गया था कि कुछ गलत हो रहा है।उन्होंने कहा कि बचपन में किसी बच्चे के लिए ऐसी परिस्थितियां बेहद डरावनी होती हैं। जब कोई परिचित व्यक्ति विश्वास तोड़ता है, तो उसका असर केवल उस पल तक सीमित नहीं रहता बल्कि वर्षों तक मानसिक रूप से प्रभावित करता है। यही कारण है कि वह आज भी उस घटना को याद करते हुए भावुक हो जाती हैं।
विरोध करने की कोशिश और बढ़ता भय
अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्हें असहज महसूस हुआ तो उन्होंने तुरंत विरोध करने की कोशिश की। उन्होंने उस व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया और स्पष्ट रूप से अपनी असहमति जताई। हालांकि उस समय वह बेहद डरी हुई थीं और समझ नहीं पा रही थीं कि आगे क्या होगा।उनके अनुसार घटना के दौरान उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके आसपास की दुनिया अचानक बदल गई हो। जिस भरोसे और सुरक्षा की भावना के साथ वह रह रही थीं, वह एक झटके में टूट गई। यही कारण था कि उस घटना के बाद उनका आत्मविश्वास भी काफी प्रभावित हुआ।
माता-पिता समय पर पहुंचे, टली बड़ी अनहोनी
शिवांगी जोशी ने बताया कि सौभाग्य से उनके माता-पिता समय पर वहां पहुंच गए। यदि परिवार समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। माता-पिता ने तुरंत मामले को समझा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाया।उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में उनके माता-पिता उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। परिवार ने उन्हें यह एहसास कराया कि वह अकेली नहीं हैं और हर परिस्थिति में उनका साथ दिया जाएगा। इसी समर्थन ने उन्हें धीरे-धीरे उस सदमे से बाहर निकलने में मदद की।
कई दिनों तक घर में कैद जैसा जीवन
घटना के बाद शिवांगी जोशी सामान्य जीवन नहीं जी पा रही थीं। उन्होंने बताया कि वह कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलीं। विद्यालय जाना बंद हो गया और मित्रों से मिलना-जुलना भी लगभग समाप्त हो गया था। उनके मन में हर समय डर बना रहता था कि कहीं फिर से ऐसा कुछ न हो जाए।अभिनेत्री ने कहा कि उस समय उनके माता-पिता भी उन्हें अकेला छोड़ने से डरते थे। परिवार हर पल उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था। धीरे-धीरे समय बीता, परिवार का सहयोग मिला और तब जाकर वह सामान्य जीवन की ओर लौट सकीं।
मानसिक आघात से उबरना नहीं था आसान
शिवांगी जोशी ने बताया कि किसी भी बच्चे के लिए ऐसा अनुभव केवल एक घटना नहीं होता, बल्कि वह लंबे समय तक मानसिक प्रभाव छोड़ सकता है। उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। डर, असुरक्षा और अविश्वास जैसी भावनाएं लंबे समय तक उनके भीतर बनी रहीं।उन्होंने कहा कि परिवार का प्यार और समर्थन ही वह कारण था जिसकी वजह से वह इस कठिन दौर से बाहर निकल सकीं। माता-पिता ने कभी उन्हें अकेला महसूस नहीं होने दिया और हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया। यही वजह है कि आज भी वह अपने परिवार को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं।
मां को लेकर कही भावुक बात
अभिनेत्री ने कार्यक्रम में अपनी मां का जिक्र करते हुए कहा कि वह आज भी उनकी भावनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील रहती हैं। उनका मानना है कि बचपन की उस घटना ने केवल उन्हें ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित किया था। विशेष रूप से उनकी मां आज भी उनकी सुरक्षा और सम्मान को लेकर बेहद सजग रहती हैं।उन्होंने कहा कि जब भी उनके बारे में कोई नकारात्मक बात कही जाती है तो सबसे पहले उन्हें अपनी मां का ख्याल आता है। वह सोचती हैं कि ऐसी बातें सुनकर उनकी मां को कितना दुख होता होगा। यही कारण है कि वह अपने परिवार की भावनाओं को हमेशा प्राथमिकता देती हैं।
सामाजिक माध्यमों पर लोगों ने दिखाई संवेदनशीलता
अभिनेत्री के इस खुलासे के बाद सामाजिक माध्यमों पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। अनेक लोगों ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे विषयों पर खुलकर बात करना समाज के लिए जरूरी है। कई लोगों ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवारों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। बच्चों को कम उम्र से ही अच्छे और बुरे व्यवहार के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। यदि कोई बच्चा असहज महसूस करता है तो उसे बिना डरे अपने माता-पिता या विश्वसनीय व्यक्ति से बात करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में भावनात्मक माहौल, दर्शक भी हुए भावुक
शिवांगी जोशी की बात सुनने के बाद कार्यक्रम का माहौल काफी भावुक हो गया। अन्य प्रतिभागी भी उनकी कहानी सुनकर भावनात्मक नजर आए। दर्शकों के बीच भी इस विषय को लेकर गहरी संवेदनशीलता देखने को मिली और कई लोगों ने उनके साहस की प्रशंसा की।कार्यक्रम के आगामी भागों में प्रतिभागियों के परिवारों की उपस्थिति की चर्चा भी तेज हो गई है। दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है और यह कार्यक्रम इन दिनों चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।