पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल हुआ 22 रुपये सस्ता...
पाकिस्तान सरकार ने ईद-उल-अजहा से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 22 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती की है। मई महीने में लगातार तीसरी बार दाम घटाए गए हैं, जिससे आम जनता को राहत मिली है।
दि राइजिंग न्यूज़ | इस्लामाबाद | 30 मई 2026
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने ईद-उल-अजहा से पहले देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की कीमतों में भारी कटौती का ऐलान किया है। सरकार ने दोनों ईंधनों के दाम में 22 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। लगातार बढ़ती महंगाई और जनता के दबाव के बीच लिया गया यह फैसला आम लोगों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।
ईद से पहले सरकार का बड़ा फैसला
पाकिस्तान में ईद-उल-अजहा के अवसर पर सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती कर जनता को राहत देने का प्रयास किया है। बीते 29 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार दोनों ईंधनों के दाम में 22 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। सरकार ने इसे आम नागरिकों के लिए विशेष राहत पैकेज बताया है। बढ़ती महंगाई से जूझ रही जनता लंबे समय से ईंधन कीमतों में कमी की मांग कर रही थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
लगातार तीसरी बार घटाए गए ईंधन के दाम
मई महीने के दौरान पाकिस्तान सरकार ने लगातार तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है। सबसे पहले 15 मई को दोनों ईंधनों के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई थी। इसके बाद 22 मई को पेट्रोल 6 रुपये और डीजल 6.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया गया। अब 29 मई को हुई 22 रुपये प्रति लीटर की कटौती के साथ कुल कमी काफी बड़ी हो गई है।
एक महीने में पेट्रोल 33 रुपये तक सस्ता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई महीने में अब तक पेट्रोल की कीमत में कुल 33 रुपये प्रति लीटर की कमी की जा चुकी है। वहीं डीजल के दाम भी कुल 33.80 रुपये प्रति लीटर घटाए गए हैं। लगातार राहत मिलने से परिवहन क्षेत्र, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वस्तुओं की ढुलाई लागत में भी कमी आ सकती है।
महंगाई और जनदबाव बना बड़ा कारण
पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों के दौरान ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं। मार्च और अप्रैल में कई स्थानों पर पेट्रोल और डीजल के दाम 414 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गए थे। इससे परिवहन, माल ढुलाई और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। जनता में बढ़ते असंतोष और विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार पर राहत देने का दबाव बढ़ गया था।
परिवहन और व्यापार पर पड़ा था गहरा असर
ईंधन की महंगी कीमतों का असर केवल निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव पूरे आर्थिक ढांचे पर दिखाई दिया। माल ढुलाई महंगी होने से खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गई थीं। छोटे व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में कीमतों में कटौती को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी मिला सहारा
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी इस फैसले की एक महत्वपूर्ण वजह है। तेल कीमतों में नरमी आने के बाद सरकार के पास उपभोक्ताओं को राहत देने का अवसर था। सरकार ने इस बार पूरा लाभ कर संग्रह के रूप में रखने के बजाय जनता तक पहुंचाने का निर्णय लिया। इससे लोगों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिली है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों का असर
पाकिस्तान इस समय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के आर्थिक कार्यक्रम के तहत कई वित्तीय सुधारों पर काम कर रहा है। संस्था की शर्तों के अनुसार ईंधन पर एक निश्चित उपकर लगाया जाता है। हालांकि चालू वित्तीय वर्ष में कर संग्रह अपेक्षाकृत बेहतर रहने के कारण सरकार को राहत देने की गुंजाइश मिली। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया।
जनता ने फैसले का किया स्वागत
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बड़ी कटौती के बाद पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने राहत महसूस की है। आम नागरिकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला उनके लिए बड़ी मदद साबित होगा। परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी सरकार के कदम का स्वागत किया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसका असर अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।