छोटे द्वीपीय देशों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा भारत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए जलवायु परिवर्तन से प्रभावित छोटे द्वीपीय देशों और ग्लोबल साउथ की चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सबसे कम नुकसान पहुंचाने वाले देशों को जलवायु संकट का सबसे बड़ा बोझ नहीं उठाना चाहिए। पीएम मोदी ने भारत की ओर से सेशेल्स समेत छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के साथ हर स्तर पर सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया और ब्लू इकॉनमी, डिजिटल अवसंरचना, मत्स्य पालन तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
दि राइजिंग न्यूज़ | विक्टोरिया | 29 जून 2026
सेशेल्स की संसद को पीएम मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान रविवार को वहां की संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंधों, हिंद महासागर क्षेत्र की साझा चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों पर विस्तार से अपनी बात रखी।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सेशेल्स का रिश्ता केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सहयोग और साझा भविष्य की मजबूत नींव पर आधारित है।
जलवायु परिवर्तन पर दुनिया को दिया संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ और विशेष रूप से छोटे द्वीपीय विकासशील देश जलवायु परिवर्तन के सबसे गंभीर प्रभावों का सामना कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि समुद्र के बढ़ते जलस्तर, बदलते मौसम चक्र, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर बढ़ते खतरे और प्राकृतिक आपदाओं का असर सबसे अधिक उन देशों पर पड़ रहा है, जिन्होंने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में सबसे कम योगदान दिया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वैश्विक न्याय का विषय है और दुनिया को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है।
छोटे द्वीपीय देशों के साथ भारत की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत हमेशा छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास जैसे मुद्दों पर सेशेल्स तथा अन्य द्वीपीय देशों का सहयोगी बना रहेगा।उन्होंने कहा कि भारत इन देशों के हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उनकी आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा।
गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन सम्मान पर जताया आभार
सेशेल्स सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को "गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन" सम्मान से सम्मानित किया गया। संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने इस सम्मान के लिए सेशेल्स की जनता और सरकार का आभार व्यक्त किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का विषय है और यह भारत तथा सेशेल्स के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है।
हिंद महासागर हमें जोड़ता है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ता है।
उन्होंने सेशेल्स को केवल एक छोटा द्वीप राष्ट्र मानने की धारणा को खारिज करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण महासागरीय राष्ट्र है, जिसका समुद्री क्षेत्र लगभग 14 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और समृद्धि दोनों देशों की साझा जिम्मेदारी है।
ब्लू इकॉनमी में सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री ने ब्लू इकॉनमी के क्षेत्र में भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग भविष्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।उन्होंने मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान, समुद्री जैव विविधता संरक्षण और तटीय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।प्रधानमंत्री ने ब्लू बॉन्ड जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सेशेल्स की सराहना भी की।
नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने नवीकरणीय ऊर्जा और सतत पर्यटन को भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन मॉडल विकसित करके दोनों देश आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
डिजिटल अवसंरचना का अनुभव साझा करेगा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान प्रणाली, ई-गवर्नेंस, डिजिटल पहचान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भारत का अनुभव दुनिया के लिए एक मॉडल बन चुका है।उन्होंने कहा कि भारत अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और डिजिटल नवाचारों को सेशेल्स के साथ साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे वहां प्रशासनिक दक्षता और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा मिल सके।
भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक, आर्थिक और समुद्री सहयोग को नई दिशा देगा।जलवायु परिवर्तन, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनमी, डिजिटल विकास और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।