क्या प्रशांत किशोर के लिए पटना आएंगे विजय थलपति

बांकीपुर उपचुनाव से पहले अभिनेता-राजनेता विजय (थलपति विजय) के प्रशांत किशोर के समर्थन में पटना आने की चर्चा तेज है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशांत किशोर १३ जुलाई को नामांकन दाखिल करेंगे।

क्या प्रशांत किशोर के लिए पटना आएंगे विजय थलपति

दि राइजिंग न्यूज़ | पटना | 9 जुलाई 2026

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इस बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि अभिनेता-राजनेता और तमिलगा वेत्री कड़गम के प्रमुख विजय (थलपति विजय) जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के समर्थन में पटना आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि वह १३ जुलाई को होने वाले नामांकन कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं और चुनाव प्रचार में भी हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक जन सुराज या विजय की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

बांकीपुर उपचुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उनके चुनाव लड़ने से इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर इस उपचुनाव पर टिकी हुई है।प्रशांत किशोर लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। वह मतदाताओं से सीधे संवाद कर अपनी राजनीतिक सोच और विकास के एजेंडे को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच उनके समर्थन में अभिनेता और तमिलगा वेत्री कड़गम के प्रमुख विजय (थलपति विजय) के बिहार आने की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

क्या नामांकन में शामिल होंगे विजय

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विजय (थलपति विजय) १३ जुलाई को प्रशांत किशोर के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह पटना पहुंचकर चुनाव प्रचार भी कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक जन सुराज या विजय की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।यदि विजय बिहार आते हैं तो यह उपचुनाव राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा में आ सकता है। हालांकि आधिकारिक घोषणा होने तक इसे केवल राजनीतिक अटकल के रूप में ही देखा जा रहा है।

दोनों नेताओं के बीच पहले भी रहा है राजनीतिक जुड़ाव

विजय के बिहार आने की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि प्रशांत किशोर पहले भी उनके साथ राजनीतिक रूप से जुड़े रहे हैं। वर्ष २०२५ में प्रशांत किशोर विजय की पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और उनके नेतृत्व की खुलकर सराहना की थी।राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने विजय की चुनावी रणनीति तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई थी। चुनाव में मिली सफलता के बाद अब माना जा रहा है कि विजय भी प्रशांत किशोर के समर्थन में प्रचार कर सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

क्या बदलेगा चुनावी समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विजय प्रचार के लिए बिहार आते हैं तो इससे चुनावी माहौल पर कुछ असर पड़ सकता है। खासकर युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता चर्चा का विषय बन सकती है। हालांकि किसी भी चुनाव का परिणाम केवल प्रचार से नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों, संगठन और मतदाताओं के अंतिम फैसले से तय होता है।इसलिए विजय के संभावित दौरे का वास्तविक असर मतदान और चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

१३ जुलाई को नामांकन करेंगे प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर १३ जुलाई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसे लेकर जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बड़ी संख्या में समर्थकों के कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।नामांकन के बाद चुनाव प्रचार और अधिक तेज होने की उम्मीद है। प्रशांत किशोर लगातार जनसभाओं, पदयात्राओं और घर-घर संपर्क अभियान के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

बांकीपुर उपचुनाव क्यों बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय

बांकीपुर का उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है। पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर की राजनीतिक परीक्षा होने के कारण पूरे देश की नजर इस सीट पर टिकी हुई है। यदि उन्हें सफलता मिलती है तो बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर सभी प्रमुख दल भी इस सीट पर पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।