पाकिस्तान मदरसों के छात्रों को बना रहा 'सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस'
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली । 10 मई 2025 । भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा चौंकाने वाला बयान दिया है, जिससे दुनिया को पाकिस्तानी मदरसों की आतंकी भूमिका का एक और सबूत मिल गया है।
ख्वाजा आसिफ के बयान से खुला पाकिस्तान के आतंकी एजेंडे का काला सच
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली । 10 मई 2025 ।
भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा चौंकाने वाला बयान दिया है, जिससे दुनिया को पाकिस्तानी मदरसों की आतंकी भूमिका का एक और सबूत मिल गया है।
"मदरसे के छात्र हमारी सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस हैं" – ख्वाजा आसिफ
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि अगर युद्ध की स्थिति बनती है, तो मदरसों के छात्रों को सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा:
“जहां तक मदरसों या मदरसा छात्रों का सवाल है, इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे हमारी दूसरी रक्षा पंक्ति हैं। जब समय आएगा, उनका 100% उपयोग किया जाएगा।”
AI नहीं, असली वीडियो में खुली पोल
यह बयान इतना चौंकाने वाला था कि कई पत्रकारों और विश्लेषकों को सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट करना पड़ा कि यह कोई AI-जनरेटेड कंटेंट नहीं, बल्कि पाकिस्तान की संसद की असली रिकॉर्डिंग है।
वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें खुद रक्षा मंत्री #KhawajaAsif मदरसों को सैन्य तैयारी की लाइन में बताते नजर आ रहे हैं।
क्या कहते हैं इस बयान के मायने?
इस बयान से यह साफ हो गया है कि:
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पाकिस्तान मदरसों को धार्मिक शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि आतंकी रिक्रूटमेंट ग्राउंड बना चुका है।
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भारत और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार उठती रही ये चिंताएं अब पाकिस्तान के मंत्री की ज़ुबान से साबित हो गई हैं।
लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद के मदरसों का कनेक्शन
पाकिस्तान में कई ऐसे मदरसे हैं जिन्हें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) चलाते हैं।
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हाफिज सईद और मसूद अजहर के मदरसे अक्सर युवाओं को जिहाद और आतंक के लिए प्रेरित करते हैं।
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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में जिन ठिकानों को निशाना बनाया, उनमें से कई ऐसे ही मदरसे और मस्जिदें थीं जहां आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था।