होर्मुज हमले का बदला! अमेरिका ने ईरान पर बरसाई आग

होर्मुज जलडमरूमध्य में कारोबारी जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया। इस कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में तनाव और गहरा गया है।

होर्मुज हमले का बदला! अमेरिका ने ईरान पर बरसाई आग

दि राइजिंग न्यूज़ | तेहरान | 27 जून 2026

मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कारोबारी जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हवाई हमला कर दिया। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने मिसाइल भंडारण केंद्रों, ड्रोन संचालन अड्डों और तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं ईरान की ओर से इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना जताई जा रही है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में युद्धविराम की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिका का बड़ा सैन्य अभियान

अमेरिका ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद उसने जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना के अनुसार यह हमला ओमान के तट के पास हुआ था और इसके बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैन्य अभियान शुरू किया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई किसी नए संघर्ष की शुरुआत नहीं बल्कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस सैन्य अभियान के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और अधिक बढ़ गया है।


मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेना ने बताया कि जवाबी कार्रवाई के दौरान ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें मिसाइल भंडारण केंद्र, ड्रोन संचालन स्थल और तटीय रडार प्रणाली शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इन ठिकानों का उपयोग क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। सेना ने यह भी कहा कि इन हमलों का उद्देश्य भविष्य में समुद्री जहाजों पर होने वाले हमलों को रोकना और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।


व्यावसायिक जहाज पर हमले को बताया युद्धविराम का उल्लंघन

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला पूरी तरह अनुचित था। उनका दावा है कि यह घटना युद्धविराम की भावना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन है। अमेरिका ने आरोप लगाया कि इस तरह के हमलों से वैश्विक व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा होता है। इसी आधार पर सैन्य कार्रवाई को आवश्यक बताया गया।


अमेरिका ने समुद्री सुरक्षा जारी रखने का किया दावा

अमेरिकी सेना ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान जारी रहेगा। अमेरिका ने सहयोगी देशों के साथ मिलकर समुद्री मार्गों की निगरानी बढ़ाने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में तैनात सैन्य बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि समुद्री व्यापार को किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होने दिया जाएगा।


ब्रिटेन ने भी जहाज पर हमले की पुष्टि की

ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने भी ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज पर प्रक्षेप्य गिरने की पुष्टि की है। हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे स्पष्ट है कि यह मामला केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह गया है।


समुद्री संगठन ने जहाजों की निकासी रोकी

बढ़ते तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों की निकासी अस्थायी रूप से रोक दी है। संगठन का कहना है कि जब तक क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक निकासी दोबारा शुरू नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में जहाज अब भी संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में मौजूद हैं, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।


अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कारोबारी जहाज पर हुए ड्रोन हमले को युद्धविराम का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि जहाज पर भेजे गए चार ड्रोन में से तीन को अमेरिकी सेना ने रास्ते में ही मार गिराया, जबकि एक ड्रोन से जहाज के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को इस कार्रवाई के परिणाम जल्द ही दिखाई देंगे। उनके इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।


मध्य पूर्व में बढ़ सकता है नया संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच इसी तरह सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले जारी रहे तो पूरा मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी व्यापक असर डाल सकता है।