ईरान पर हमला होगा या नहीं? ट्रंप दो हफ्ते में लेंगे फैसला, नेतन्याहू बोले- इस युद्ध से बदल देंगे दुनिया का चेहरा

दि राइजिंग न्यूज। वॉशिंगटन/तेहरान/येरुशलम। 20 जून, 2025 ।   पश्चिम एशिया में जारी इजरायल-ईरान संघर्ष ने वैश्विक तनाव को और गहरा कर दिया है। अब सारी निगाहें अमेरिका की ओर टिक गई हैं, जहां पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि वे अगले दो हफ्तों में यह तय करेंगे कि अमेरिका को इस जंग में सीधे उतरना है या नहीं।

ईरान पर हमला होगा या नहीं? ट्रंप दो हफ्ते में लेंगे फैसला, नेतन्याहू बोले- इस युद्ध से बदल देंगे दुनिया का चेहरा
Will Iran be attacked or not? Trump will decide in two weeks Netanyahu said- this war will change the face of the world

दि राइजिंग न्यूज। वॉशिंगटन/तेहरान/येरुशलम। 20 जून, 2025 ।  

पश्चिम एशिया में जारी इजरायल-ईरान संघर्ष ने वैश्विक तनाव को और गहरा कर दिया है। अब सारी निगाहें अमेरिका की ओर टिक गई हैं, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि वे अगले दो हफ्तों में यह तय करेंगे कि अमेरिका को इस जंग में सीधे उतरना है या नहीं।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि ट्रंप अब भी मानते हैं कि कूटनीति के जरिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण संभव है, और इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए वे अंतिम निर्णय लेंगे।


ईरान-इजरायल युद्ध: अब तक की बड़ी घटनाएं

  • इजरायल ने ईरान की इंजीनियरिंग और सैन्य साइट्स पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्जनों ईरानी सैनिक मारे गए हैं

  • ईरान की ओर से सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिन्हें इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।


नेतन्याहू का बयान – "दुनिया का चेहरा बदल देंगे"

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि ये युद्ध सिर्फ आत्मरक्षा नहीं है, बल्कि इससे दुनिया की दिशा बदलने वाली लड़ाई होगी। उन्होंने अमेरिका समेत अन्य देशों से मिलने वाली हर मदद का स्वागत किया है।


अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक मोर्चा

  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि वह इस युद्ध से दूर रहे।

  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा की है।

  • इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघराची जेनेवा दौरे पर हैं, जहां वे फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों से बातचीत करेंगे।


सीजफायर की शर्त पर बातचीत के संकेत

फ्रांस के विदेश मंत्री ने दावा किया है कि ईरान सीजफायर की शर्त पर अमेरिका से सीधी बातचीत को तैयार है। यह संकेत एक राजनयिक समाधान की तरफ इशारा करता है, लेकिन जमीनी हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण हैं।


परमाणु मुद्दे पर ट्रंप का दो टूक रुख

ट्रंप ने अपने बयान में कहा,

"हम यह युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर दुनिया के सामने परमाणु खतरा है, तो हम चुप नहीं बैठ सकते।"

इस बयान से यह साफ है कि अमेरिका की नीति "कूटनीति पहले, युद्ध बाद में" के सिद्धांत पर आधारित है, लेकिन विकल्प खुले रखे गए हैं।


इजरायली एयर डिफेंस: 95% हमले नाकाम

इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने अब तक आए लगभग सभी ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में ही 95% सफलता दर से रोक दिया है। इसमें वायुसेना और नौसेना की संयुक्त ऑपरेशनल क्षमताएं शामिल हैं।


डोनाल्ड ट्रंप के अगले दो हफ्तों में लिए जाने वाले फैसले से ईरान-इजरायल युद्ध का रुख पूरी तरह बदल सकता है। क्या अमेरिका सीधे युद्ध में कूदेगा या कूटनीतिक दबाव से समाधान निकलेगा — इसका जवाब जल्द ही दुनिया को मिलने वाला है।