भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में आया बड़ा मोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 10 से 11 जुलाई की न्यूजीलैंड यात्रा से पहले वहां की सरकार ने भारत के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बड़ा संकेत दिया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा है कि समझौता लागू होते ही भारत को भेजे जाने वाले 57 प्रतिशत सामान पर पहले दिन से ही आयात शुल्क नहीं लगेगा। इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में आया बड़ा मोड़

दि राइजिंग न्यूज़ | ऑकलैंड | 09 जुलाई 2026

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित राजकीय यात्रा से ठीक पहले न्यूजीलैंड ने व्यापारिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की संभावनाओं को और अधिक बल मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भविष्य में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।


पहले दिन से ही 57 प्रतिशत निर्यात पर समाप्त होगा शुल्क

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि भारत के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौता लागू होते ही उनके देश से भारत भेजे जाने वाले 57 प्रतिशत सामान पर पहले ही दिन से आयात शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा। इससे न्यूजीलैंड के उत्पाद भारतीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना भी जताई जा रही है।यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में दोनों देशों का व्यापारिक सहयोग क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यापार जगत ने इस घोषणा का स्वागत किया है।


10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जुलाई को दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। यह लगभग चार दशकों के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा होगी। इस कारण इस यात्रा को ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।यह यात्रा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर आयोजित हो रही है। दोनों देशों की सरकारें इसे भविष्य की दीर्घकालिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही हैं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर उच्च स्तरीय बातचीत प्रस्तावित है।


व्यापार, निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी पर होगी व्यापक चर्चा

दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बैठक में व्यापार विस्तार, निवेश बढ़ाने, रक्षा सहयोग, आधुनिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तार से विचार किया जाएगा। इसके साथ ही कई लंबित प्रस्तावों और संभावित समझौतों को भी आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा होने की संभावना है।सरकारी सूत्रों के अनुसार दोनों देश भविष्य में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, नई औद्योगिक साझेदारी विकसित करने तथा आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर भी विशेष ध्यान देंगे। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।


भारतीय समुदाय और उद्योग जगत से भी करेंगे संवाद

ऑकलैंड प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां के प्रमुख उद्योगपतियों, खेल जगत की प्रसिद्ध हस्तियों तथा भारतीय मूल के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा भारतीय समुदाय को संबोधित करने का भी कार्यक्रम निर्धारित है।इस संवाद का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है। बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग न्यूजीलैंड में निवास करते हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं।


तीन देशों की यात्रा का अंतिम चरण होगा न्यूजीलैंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह विदेश यात्रा तीन देशों के दौरे का अंतिम चरण है। इस यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से हुई थी और उसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया पहुंचे। अब अंतिम पड़ाव के रूप में वह न्यूजीलैंड जाएंगे।इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों के साथ भारत की रणनीतिक, आर्थिक, निवेश, रक्षा तथा खनिज संसाधनों से जुड़ी साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका को और सशक्त बना सकती है।