पीएम मोदी की मॉर्फ्ड तस्वीरों पर बड़ा एक्शन, मेटा भारत प्रमुख पर भी प्राथमिकी

प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ी कथित परिवर्तित तस्वीरों और आपत्तिजनक सामग्री के मामले में हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है, जबकि केंद्र सरकार ने भी मेटा से जवाब मांगा है।

पीएम मोदी की मॉर्फ्ड तस्वीरों पर बड़ा एक्शन, मेटा भारत प्रमुख पर भी प्राथमिकी

 

दि राइजिंग न्यूज़ | हैदराबाद | 31 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कथित रूप से परिवर्तित और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में आयोजित सीजेपी प्रदर्शन के दौरान सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित की गई कुछ तस्वीरों और सामग्री को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन पड़ताल की जा रही है और संबंधित व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है।पुलिस के अनुसार यह मामला उन पोस्टों से जुड़ा है जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित रूप से परिवर्तित तस्वीरों और आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसी सामग्री सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है तथा भ्रामक वातावरण उत्पन्न कर सकती है। इसी कारण मामले को गंभीर श्रेणी में रखते हुए कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कुछ समर्थकों ने पुलिस के समक्ष विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायतकर्ताओं ने सामाजिक माध्यमों पर उपलब्ध अनेक कड़ियों की जानकारी पुलिस को सौंपते हुए आरोप लगाया कि इन माध्यमों का उपयोग प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि कई तस्वीरों और दृश्यों में तकनीकी छेड़छाड़ कर उन्हें प्रसारित किया गया। शिकायत मिलने के बाद साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने प्राथमिक जांच की और फिर प्राथमिकी दर्ज कर ली।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित सामग्री केवल राजनीतिक आलोचना तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें कथित रूप से अपमानजनक और भ्रामक तत्व भी शामिल थे। इसी आधार पर संबंधित मंचों और खातों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस अब उन सभी कड़ियों और खातों की तकनीकी जांच कर रही है जिनका उल्लेख शिकायत में किया गया है।

मेटा को भेजा गया नोटिस

जांच को आगे बढ़ाने के लिए साइबर अपराध पुलिस ने मेटा को औपचारिक नोटिस जारी किया है। पुलिस ने उन खातों और कड़ियों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है जिनके माध्यम से कथित आपत्तिजनक सामग्री साझा की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि मंचों से प्राप्त होने वाली जानकारी जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संबंधित खातों के संचालन, सामग्री के स्रोत और प्रसार के तरीकों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सामग्री तैयार करने और प्रसारित करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

मेटा भारत प्रमुख भी जांच के दायरे में

मामले में मेटा के भारत प्रमुख का नाम भी सह-आरोपी के रूप में जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का मानना है कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि मंच की ओर से शिकायतों और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर क्या कदम उठाए गए थे। इसी आधार पर कानूनी जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। डिजिटल मंचों की जवाबदेही से जुड़े मामलों में इस प्रकार की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे यह संदेश जाता है कि सामाजिक माध्यम मंचों को भी सामग्री प्रबंधन और शिकायत निवारण को लेकर सतर्क रहना होगा। हालांकि अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

केंद्र सरकार ने भी मांगा स्पष्टीकरण

इस पूरे प्रकरण के बीच केंद्र सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर विस्तृत जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्रालय यह जानना चाहता है कि विवादित सामग्री के प्रसार को रोकने तथा शिकायतों के निस्तारण के लिए मंच की ओर से क्या कदम उठाए गए।सरकारी सूत्रों के अनुसार अधिकारियों से नीतिगत और तकनीकी दोनों स्तरों पर जवाब मांगा गया है। मंत्रालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के डिजिटल मंचों पर नियमों का पालन हो तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को समय रहते रोका जा सके।

पहले भी विवादों में रहा है मेटा

हाल ही में मेटा उस समय भी चर्चा में आया था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक वीडियो मंच से हटाए जाने का मामला सामने आया था। बाद में कंपनी ने कहा था कि वीडियो तकनीकी त्रुटि के कारण हट गया था और उसे पुनः बहाल कर दिया गया। इस घटना के बाद भी कंपनी को जवाब देना पड़ा था।लगातार सामने आ रहे विवादों के कारण डिजिटल मंचों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस प्रकार के मामलों में निगरानी और नियमों के पालन को लेकर और अधिक सख्ती देखने को मिल सकती है।