महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन का मुद्दा था: प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, कहा एनडीए के लिए काला दिन

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का असली एजेंडा केवल महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा है। प्रियंका गांधी ने इसे लोकतंत्र और संघीय ढांचे के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह सरकार के लिए राजनीतिक झटका है और महिलाओं के अधिकारों को अब और टाला नहीं जाना चाहिए।

महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन का मुद्दा था: प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, कहा एनडीए के लिए काला दिन

दि राइजिंग न्यूज़ डेस्क | 18 अप्रैल 2026 ।

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संसद में जो स्थिति बनी है, उसने यह साफ कर दिया है कि सरकार की नीतियों की वास्तविकता अब सामने आ चुकी है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार का असली एजेंडा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा हुआ था। उनके अनुसार यह पूरा घटनाक्रम लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे में बदलाव की दिशा में उठाया गया कदम था, जिसे संसद में झटका लगा है।

महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। उन्होंने संसद में बनी हालिया स्थिति को लेकर कहा कि इससे सरकार की नीतियों की वास्तविकता जनता के सामने स्पष्ट हो गई है।

सरकार पर अलग एजेंडा चलाने का आरोप

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का असली उद्देश्य केवल महिला आरक्षण लागू करना नहीं था, बल्कि इसके पीछे परिसीमन से जुड़ा एक अलग एजेंडा भी शामिल था। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे में बदलाव की कोशिश बताया।

सरकार पर अलग एजेंडा चलाने का आरोप

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का असली उद्देश्य केवल महिला आरक्षण लागू करना नहीं था, बल्कि इसके पीछे परिसीमन से जुड़ा एक अलग एजेंडा भी शामिल था।

लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर सवाल

उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि इससे देश के संघीय ढांचे पर असर पड़ सकता है और राज्यों की भूमिका को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।

संसद की स्थिति को बताया राजनीतिक झटका

उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है और यह उसकी नीतिगत रणनीति का परिणाम है। उनके अनुसार संसद में जिस तरह की स्थिति बनी, उसने सरकार की मंशा को उजागर कर दिया है।

महिला अधिकारों को तुरंत लागू करने की मांग

प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों को अब और टाला नहीं जाना चाहिए। उन्होंने वर्ष दो हजार तेईस में पारित कानून को तुरंत लागू करने की मांग दोहराई।

सरकार की रणनीति उजागर होने का दावा

कांग्रेस नेता ने अंत में कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार की रणनीति को पूरी तरह सामने ला दिया है और अब जनता के बीच सच्चाई स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दिन बताया

महिला आरक्षण का असर क्या पड़ेगा

1 राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी
लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होने से उनकी संख्या बढ़ेगी। इससे संसद और विधानसभा में महिलाओं की मौजूदगी मजबूत होगी और उनके मुद्दे ज्यादा प्रभाव से उठाए जा सकेंगे।

2. निर्णय लेने की प्रक्रिया में बदलाव
जैसे-जैसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, नीति निर्माण में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार जैसे विषयों पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है, खासकर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर।

3. राजनीतिक दलों पर असर
सभी पार्टियों को ज्यादा महिला उम्मीदवारों को टिकट देना पड़ेगा, जिससे उनकी रणनीति, चुनावी समीकरण और नेतृत्व चयन की प्रक्रिया में बदलाव आएगा।

4. सामाजिक सोच में बदलाव
राजनीति में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी से समाज में नेतृत्व को लेकर महिलाओं के प्रति सोच धीरे-धीरे बदल सकती है और उन्हें अधिक अवसर मिलने लगेंगे।

महिला आरक्षण को लेकर प्रियंका गांधी का बड़ा बयान, केंद्र पर साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद की हालिया स्थिति से सरकार की नीतियों की सच्चाई सामने आ गई है।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का असली उद्देश्य केवल महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन से जुड़ा एजेंडा भी है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संघीय ढांचे के लिए चिंताजनक बताया।उन्होंने कहा कि यह स्थितिसरकार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है और महिलाओं के अधिकारों को अब और टाला नहीं जाना चाहिए।