फर्जी इंजेक्शन से करोड़ों की ठगी
अमेरिका में कैलिफोर्निया की एक डॉक्टर पर मेडिकेयर से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। डॉक्टर ने फर्जी बोटॉक्स इंजेक्शन के दावों के जरिए सरकारी योजना को नुकसान पहुंचाया और रकम से आलीशान जिंदगी जीने का आरोप है।
दि राइजिंग न्यूज़ | वॉशिंगटन | 12 जून 2026
मेडिकेयर से 380 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप
अमेरिका में एक डॉक्टर पर सरकारी स्वास्थ्य योजना मेडिकेयर से करीब 4.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 380 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। कैलिफोर्निया की डॉक्टर वियोलेट्टा मैइल्यान को फर्जी बोटॉक्स इंजेक्शन के दावों के जरिए सरकार को नुकसान पहुंचाने के मामले में दोषी ठहराया गया है।
फर्जी दावों से खड़ी की आलीशान जिंदगी
जांच में सामने आया है कि डॉक्टर ने कथित तौर पर ठगी की रकम का इस्तेमाल लग्जरी जीवन जीने के लिए किया। आरोप है कि उन्होंने विदेशों में महंगी छुट्टियां बिताईं और इसी पैसे से 12 हजार डॉलर यानी करीब 10 लाख रुपये का 17वीं शताब्दी का दुर्लभ क्रॉसबो भी खरीदा।
तीन मामलों में अदालत ने माना दोषी
ग्लेनडेल की रहने वाली वियोलेट्टा मैइल्यान को वायर फ्रॉड के 9 मामलों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी जांच में बाधा डालने के 3 मामलों में दोषी पाया गया है। लॉस एंजिल्स में हुए इस मामले का खुलासा अमेरिकी न्याय विभाग की हेल्थ केयर फ्रॉड डेटा एनालिटिक्स टीम ने किया। टीम ने मेडिकल दावों के आंकड़ों की जांच की तो कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।
बोटॉक्स भुगतान में बनी सबसे बड़ा मामला
जांच अधिकारियों के अनुसार, वियोलेट्टा को बोटॉक्स इंजेक्शन के लिए पूरे अमेरिका में किसी भी अन्य डॉक्टर की तुलना में मेडिकेयर से सबसे ज्यादा भुगतान मिला था। यह आंकड़ा सामान्य से काफी अलग था, जिसके बाद जांच एजेंसियों का शक गहरा गया।
मरीजों के रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप
अधिकारियों का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीजों के इलाज से जुड़े झूठे रिकॉर्ड तैयार किए और फर्जी बिल भेजे। अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने कहा कि डॉक्टर ने सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल किया और जांच के दौरान एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की।
डेटा जांच से खुला बड़ा घोटाला
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, स्वास्थ्य क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी पकड़ने के लिए डेटा आधारित जांच का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी तकनीक की मदद से यह मामला सामने आया और सरकारी पैसों के दुरुपयोग की जांच आगे बढ़ाई गई।