जनगणना ड्यूटी से किया इनकार तो होगी प्राथमिकी! यूपी प्रशासन का बड़ा एक्शन

ग्रेटर नोएडा में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ड्यूटी रिसीव नहीं करने वाले कर्मचारियों और प्रागणकों को अंतिम चेतावनी दी गई है कि बुधवार शाम तक कार्य शुरू न करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने RWA, स्कूलों और स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है।

जनगणना ड्यूटी से किया इनकार तो होगी प्राथमिकी! यूपी प्रशासन का बड़ा एक्शन

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 27 मई 2026

प्रशासन ने क्यों अपनाया इतना सख्त रवैया

ग्रेटर नोएडा प्रशासन का मानना है कि जनगणना केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि देश की भविष्य की नीतियों की नींव होती है। इसी वजह से प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कई कर्मचारियों और प्रागणकों को प्रशिक्षण दिए जाने के बावजूद उन्होंने अब तक अपनी ड्यूटी रिसीव नहीं की या फील्ड में काम शुरू नहीं किया। इससे जनगणना प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारी ड्यूटी को गंभीरता से नहीं ले रहे थे, जबकि कई जगहों पर संपर्क और समन्वय की समस्याएं भी सामने आईं। प्रशासन को डर है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे अभियान की समयसीमा प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि अब चेतावनी के साथ एफआईआर जैसे सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।


जनगणना 2027 क्यों है बेहद महत्वपूर्ण

भारत की जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया मानी जाती है। इसके जरिए सरकार को यह पता चलता है कि—

  • देश और राज्यों की कुल आबादी कितनी है
  • कितने लोग गांवों और शहरों में रह रहे हैं
  • शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य की स्थिति क्या है
  • किस क्षेत्र में कितने संसाधनों की जरूरत है
  • किस वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ चाहिए

इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की विकास योजनाएं तैयार करती है। इसलिए जनगणना में छोटी सी गलती भी भविष्य की सरकारी नीतियों को प्रभावित कर सकती है।


कर्मचारियों की क्या होती है जिम्मेदारी

जनगणना में लगाए गए प्रागणकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी घर-घर जाकर लोगों का डेटा इकट्ठा करना होता है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, मकान की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज की जाती हैं। यह काम बेहद संवेदनशील माना जाता है क्योंकि एकत्र किए गए आंकड़े सीधे सरकारी रिकॉर्ड और राष्ट्रीय डेटा का हिस्सा बनते हैं। इसी वजह से कर्मचारियों को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशासन का कहना है कि सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण, क्षेत्र आवंटन और आवश्यक दिशा-निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद कुछ कर्मचारियों का काम शुरू न करना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया।


FIR की चेतावनी कितनी गंभीर

सरकारी आदेशों की अवहेलना और राष्ट्रीय कार्य में बाधा डालना कानूनी रूप से गंभीर मामला माना जाता है। प्रशासन का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी जानबूझकर ड्यूटी से बचता है या काम में देरी करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एफआईआर दर्ज होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को विभागीय कार्रवाई, निलंबन या अन्य प्रशासनिक दंड का सामना भी करना पड़ सकता है। यही कारण है कि प्रशासन लगातार कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी रिसीव करने के निर्देश दे रहा है।


RWA और सोसाइटी की भूमिका क्यों अहम

ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में लोग हाईराइज सोसाइटियों और गेटेड कॉलोनियों में रहते हैं। ऐसे में जनगणना कर्मचारियों के लिए हर सोसाइटी तक पहुंचना आसान नहीं होता। कई बार सुरक्षा कारणों से गार्ड बिना अनुमति एंट्री नहीं देते, जिससे जनगणना कार्य प्रभावित होता है। इसी वजह से प्रशासन ने RWA और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन से अपील की है कि वे जनगणना कर्मचारियों का सहयोग करें। अधिकारियों ने कहा है कि पहचान पत्र और ड्यूटी लेटर देखने के बाद कर्मचारियों को प्रवेश दिया जाए ताकि डेटा संग्रह का काम सुचारु रूप से हो सके।


भीषण गर्मी भी बनी चुनौती

मई और जून की तेज गर्मी में घर-घर जाकर जनगणना करना कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों और सोसाइटी प्रबंधन से मानवीय सहयोग की अपील की है। नोडल अधिकारियों ने कहा कि यदि संभव हो तो कर्मचारियों को—

  • पीने का पानी
  • नींबू पानी
  • हल्का जलपान

उपलब्ध कराया जाए ताकि वे बिना परेशानी अपना कार्य पूरा कर सकें।


प्रशासन का अंतिम संदेश

ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनगणना 2027 को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सरकारी ड्यूटी नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। प्रशासन का फोकस दो बातों पर है—

जनगणना कार्य तय समय में पूरा हो

डेटा संग्रह में कोई त्रुटि या बाधा न आए इसीलिए अब चेतावनी, निगरानी और कानूनी कार्रवाई—तीनों स्तरों पर सख्ती दिखाई जा रही है।