भीषण गर्मी में यूपी बेहाल! बिजली संकट से जनता परेशान...
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सरकार रिकॉर्ड बिजली सप्लाई का दावा कर रही है, लेकिन प्रदेश के 22 जिलों में घंटों कटौती, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से जनता परेशान है। लखनऊ, मेरठ, कानपुर, वाराणसी, अलीगढ़ और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन तक शुरू कर दिए हैं। विपक्ष ने भी बिजली संकट को लेकर योगी सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 27 मई 2026
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है और लोग दिन-रात उमस और तपिश से परेशान हैं। ऐसी स्थिति में बिजली लोगों के लिए सबसे बड़ी जरूरत बन गई है, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं। सरकार जहां चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति और रिकॉर्ड सप्लाई का दावा कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर लोग घंटों अंधेरे और गर्मी में रहने को मजबूर हैं। कई जिलों में ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती ने जनता का गुस्सा बढ़ा दिया है।
ऊर्जा मंत्री का दावा- प्रदेश में हो रही रिकॉर्ड बिजली सप्लाई
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 31,824 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश देश में सबसे ज्यादा बिजली देने वाला राज्य बन गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाईस से साढ़े बाईस घंटे तक बिजली दी जा रही है। मंत्री के अनुसार तकनीकी खराबी, प्राकृतिक कारणों और बढ़ती मांग की वजह से कुछ जगहों पर दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजलीकर्मी लगातार फॉल्ट ठीक करने में लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली संकट को लेकर विपक्षी दलों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सवाल वही लोग उठा रहे हैं जिनके शासन में बिजली व्यवस्था पूरी तरह बदहाल थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सप्ताह के हिसाब से बिजली मिलती थी, लेकिन अब पूरे प्रदेश में बिजली पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने माना कि पावर स्टेशनों पर शटडाउन और तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनका समाधान निकालने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।
लखनऊ में चिकनकारी उद्योग पर पड़ा असर
राजधानी लखनऊ में बिजली संकट का असर मशहूर चिकनकारी उद्योग पर साफ दिखाई दे रहा है। पुराने शहर के कारीगरों ने बताया कि कई इलाकों में पांच से छह घंटे तक बिजली गायब रहती है, जिससे कढ़ाई का काम प्रभावित हो रहा है। कारीगरों का कहना है कि भीषण गर्मी और पसीने के कारण बारीक काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है। कारोबारियों के अनुसार बिजली संकट की वजह से माल की आपूर्ति में लगभग बीस प्रतिशत तक देरी हो रही है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।
गोरखपुर में राहत, इटावा में बढ़ा संकट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में बिजली व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर दिखाई दी। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिकतर समय बिजली मिल रही है, हालांकि बीच-बीच में ट्रिपिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं। दूसरी तरफ इटावा में ओवरलोड और लगातार ट्रिपिंग लोगों की बड़ी परेशानी बन चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय घंटों बिजली गायब रहती है और लोगों का कहना है कि बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है।
बांदा में सड़क पर उतरे लोग, सहारनपुर में बढ़ी परेशानी
बांदा में बिजली कटौती से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे और फोन तक नहीं उठा रहे हैं। सहारनपुर में शहरों में छह घंटे और गांवों में आठ से दस घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। रात में बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
चंदौली और देवरिया में ट्रिपिंग से हाल बेहाल
चंदौली के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने बताया कि कागजों पर बिजली सप्लाई के बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार ट्रिपिंग की वजह से राहत नहीं मिल रही। रात में बिजली कटते ही लोग उमस और गर्मी से परेशान हो जाते हैं। देवरिया में भी अघोषित कटौती और फॉल्ट की वजह से कई गांव घंटों अंधेरे में डूबे रहते हैं। कई जगह ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद भी समय पर नहीं बदले जा सके।
बिजनौर और महोबा में किसानों की बढ़ी चिंता
बिजनौर में किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली कटौती की वजह से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलें सूखने लगी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महोबा में लोगों का कहना है कि शहर में मुश्किल से बीस से इक्कीस घंटे और गांवों में चौदह घंटे बिजली मिल रही है। लोगों की मांग है कि अगर कटौती करनी है तो उसका समय पहले से तय होना चाहिए।
कानपुर और झांसी में कारोबार पर असर
कानपुर में बिजली संकट का असर व्यापार पर पड़ रहा है। होटल, बैंक्वेट और दुकानदारों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे बिजली कट के कारण आर्थिक नुकसान हो रहा है। झांसी में लोग रातभर बिजली आने-जाने से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि बिजली कब जाएगी और कब आएगी इसका कोई निश्चित समय नहीं है।
प्रतापगढ़, मेरठ और अलीगढ़ में बढ़ा जनाक्रोश
प्रतापगढ़ में तकनीकी खराबी के चलते कई उपकेंद्र प्रभावित हो गए और पूरा जिला घंटों अंधेरे में डूबा रहा। मेरठ में लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद लगातार कटौती जारी है। कई इलाकों में दस से बारह घंटे तक बिजली नहीं मिल रही। अलीगढ़ में लो-वोल्टेज और लगातार ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। कई इलाकों में एक घंटे में कई बार बिजली ट्रिप होने की शिकायत सामने आई।
प्रयागराज, अयोध्या और वाराणसी में संकट गहराया
प्रयागराज के करैली और धूमनगंज जैसे इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विभाग का कहना है कि बढ़ते ओवरलोड के कारण फॉल्ट आ रहे हैं। अयोध्या में ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किल से दस से बारह घंटे बिजली मिल पा रही है। वाराणसी में रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच ट्रांसफॉर्मर फुंकने और पेयजल संकट जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
जनता बोली- दावों से नहीं, राहत से मिलेगा भरोसा
प्रदेशभर में लोग बिजली संकट से परेशान होकर सड़कों पर उतरने लगे हैं। कई जगहों पर प्रदर्शन और विभागीय अधिकारियों का घेराव किया गया। लोगों का कहना है कि सरकार सिर्फ रिकॉर्ड सप्लाई के आंकड़े दिखा रही है, जबकि जमीन पर हालात बेहद खराब हैं। भीषण गर्मी में लगातार बिजली कटौती ने लोगों की दिनचर्या और कारोबार दोनों को प्रभावित कर दिया है। अब जनता सिर्फ सरकारी दावों नहीं बल्कि जमीन पर राहत चाहती है।