भारतीय की मौत के बाद ईरान पर भड़का भारत!
होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए मिसाइल हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत और कई अन्य भारतीयों के घायल होने के बाद भारत ने ईरान के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों को निशाना बनाना तत्काल बंद किया जाए तथा क्षेत्र में शांति और सुरक्षित आवागमन बहाल किया जाए।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 14 जुलाई 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए मिसाइल हमलों के बाद भारत ने ईरान के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हुए हैं। घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए और क्षेत्र में शांति तथा सुरक्षित समुद्री आवाजाही बहाल की जानी चाहिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले के बाद भारत का कड़ा विरोध, ईरान को दिया स्पष्ट संदेश
होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए मिसाइल हमलों के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इन हमलों में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हो गए। घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख को तलब कर भारत की गंभीर चिंता और कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और ऐसी घटनाएं वैश्विक व्यापार तथा समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।भारत ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यहां होने वाले हमलों से केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था और अनेक देशों के आर्थिक हित भी प्रभावित होते हैं। इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतते हुए हिंसा को तत्काल रोकना चाहिए।
दो जहाजों पर मिसाइल हमला, भारतीय नाविक की मौत
विदेश मंत्रालय के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाले दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल हमला किया गया। इन जहाजों में एमटी अल बहिया और एमटी मोम्बासा शामिल हैं। हमले में एमटी अल बहिया पर सवार एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय घायल हुआ है। दूसरी ओर एमटी मोम्बासा पर सवार कई भारतीय नाविक भी हमले की चपेट में आए हैं।
दोनों जहाजों पर कुल छियालीस चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें तीस भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले के बाद घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क
हमले के बाद भारत सरकार ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। विदेश मंत्रालय लगातार स्थानीय प्रशासन, भारतीय दूतावासों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में बना हुआ है। सरकार का कहना है कि प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है।विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मृत भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने तथा उसके परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ईरानी दूतावास के अधिकारी को किया तलब
भारत ने घटना के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख को विदेश मंत्रालय बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर इस प्रकार के हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। ऐसे हमले निर्दोष नाविकों के जीवन को खतरे में डालते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून की भावना के भी विरुद्ध हैं।भारत ने ईरान से अपेक्षा जताई कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही भारत ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों तथा नागरिक उपयोग के आवश्यक ढांचों पर होने वाले हमले तुरंत बंद किए जाने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवागमन और व्यापार पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि इस प्रकार की घटनाएं लगातार होती रहीं तो वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप सभी देशों को समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। भारत शांति, स्थिरता और संवाद के माध्यम से इस संकट का समाधान निकालने का पक्षधर है तथा क्षेत्र में हिंसा समाप्त करने की अपील करता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भारत की चिंता
भारत ने पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। सरकार का कहना है कि इस क्षेत्र में जारी संघर्ष केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है। विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियां इससे प्रभावित होती हैं।भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, हिंसा रोकने और बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने की अपील की है। सरकार का मानना है कि स्थायी शांति केवल कूटनीतिक प्रयासों और आपसी संवाद से ही संभव है।