सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन कानून 2025 पर सुनवाई: क्या लगेगा स्थगन?

दि राइजिंग न्यूज। सुप्रीम कोर्ट आज वक्फ संशोधन कानून 2025 पर सुनवाई करेगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय हो सकता है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने बुधवार को कहा कि अदालती प्रक्रियाओं में आमतौर पर किसी कानून पर रोक नहीं लगाई जाती, जब तक कोई असाधारण परिस्थितियां मौजूद न हों। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वक्फ बाय-यूजर को गैर-अधिसूचित किया गया, तो इसके गंभीर repercussions हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन कानून 2025 पर सुनवाई: क्या लगेगा स्थगन?

दि राइजिंग न्यूज।

सुप्रीम कोर्ट आज वक्फ संशोधन कानून 2025 पर सुनवाई करेगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय हो सकता है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने बुधवार को कहा कि अदालती प्रक्रियाओं में आमतौर पर किसी कानून पर रोक नहीं लगाई जाती, जब तक कोई असाधारण परिस्थितियां मौजूद न हों। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वक्फ बाय-यूजर को गैर-अधिसूचित किया गया, तो इसके गंभीर repercussions हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अब तक लगभग 70 मिनट तक इस मामले की सुनवाई की है और संकेत दिया है कि वह विवादित प्रावधानों पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है। आज की सुनवाई के दौरान कोर्ट का आदेश वक्फ घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने, वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने, और कलेक्टरों के अधिकारों पर निर्णय ले सकता है।

चीफ जस्टिस ने कहा कि वक्फ बाय-यूजर की पंजीकरण प्रक्रिया कठिन है और इसमें अस्पष्टताएँ हो सकती हैं। इसके दुरुपयोग के बावजूद, उन वक्फ बाय-यूजर की भी पहचान होनी चाहिए जो वास्तविक हैं।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार यह साबित कर सकती है कि रजिस्टर्ड वक्फ बाय-यूजर बनी रहेगी क्योंकि 1923 के वक्फ अधिनियम के बाद से पंजीकरण अनिवार्य है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि सुनवाई चल रही है।

वक्फ में गैर-मुस्लिम सदस्यों की भूमिका पर भी चर्चा हुई, जहां न्यायाधीशों ने इस पर सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक संस्थाओं में इसी तरह की सुविधा मिल सकती है। पीठ ने सॉलिसिटर से पूछा कि यदि वक्फ परिषद में मुस्लिमों की संख्या कम होगी, तो यह धार्मिक पहचान के लिए कैसे संगत होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया है और सुनवाई 17 अप्रैल को दोपहर फिर से करने का निर्णय लिया है।