सुपर ओवर में टूटा भारत का सपना

दांबुला में खेले गए त्रिकोणीय श्रृंखला के रोमांचक मुकाबले में इंडिया-ए को श्रीलंका-ए के खिलाफ सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारतीय टीम के लिए फाइनल में पहुंचने की राह कठिन हो गई है।

सुपर ओवर में टूटा भारत का सपना

दि राइजिंग न्यूज़ | दांबुला | 16 जून 2026

सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी

दांबुला के रणगिरि दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए त्रिकोणीय श्रृंखला के चौथे मुकाबले में श्रीलंका-ए ने इंडिया-ए को सुपर ओवर में हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और निर्धारित ओवरों में दोनों टीमों ने 265-265 रन बनाए, जिसके बाद परिणाम सुपर ओवर से निकाला गया। सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने 16 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 10 रन ही बना सकी और मुकाबला गंवा बैठी। इस हार के साथ भारतीय टीम की फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को झटका लगा है।

भारतीय टीम ने बनाए 265 रन

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया-ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी 21 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि प्रभसिमरन सिंह 11 रन ही बना सके।

कप्तान तिलक वर्मा ने 23 रन बनाए, जबकि ऋतुराज गायकवाड़ ने 37 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम के बल्लेबाज भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और टीम दबाव में आ गई।

सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने संभाली पारी

एक समय भारतीय टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी, लेकिन सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने शानदार साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। दोनों बल्लेबाजों ने आठवें विकेट के लिए 104 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। विप्रज निगम ने 49 गेंदों पर 51 रन बनाए, जिसमें छह चौके शामिल रहे। वहीं सूर्यांश शेडगे ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 66 गेंदों में 72 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे। भारतीय टीम 49.2 ओवर में 265 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

श्रीलंका की शुरुआत रही मजबूत

266 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका-ए को निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मुकाबले को संतुलित बनाए रखा। अविष्का फर्नांडो 22 रन बनाकर आउट हुए। विशेन हलंबगे 17 रन और सहान अराचिगे 8 रन ही बना सके। डिकवेला ने 37 रनों की उपयोगी पारी खेली। एक समय श्रीलंका-ए का स्कोर 143 रन पर पांच विकेट था और भारतीय टीम मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही थी।

सदीरा समरविक्रमा ने पलटा मैच

मध्यक्रम में सदीरा समरविक्रमा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की उम्मीदों को जीवित रखा। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। सदीरा ने 93 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। उनके साथ वानुजा सहान और चमिका गुणसेकरा ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुकाबले के अंतिम ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए पांच रन चाहिए थे। अरशद खान ने सदीरा समरविक्रमा को बोल्ड कर मुकाबले में रोमांच भर दिया। आखिरी गेंद पर दो रन की जरूरत थी, लेकिन चमिका गुणसेकरा रन आउट हो गए और स्कोर बराबर हो गया।

सुपर ओवर में चूकी भारतीय टीम

सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने 16 रन बनाए और भारत के सामने 17 रन का लक्ष्य रखा। भारतीय टीम की ओर से सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी मैदान पर उतरे, लेकिन टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। भारत केवल 10 रन ही बना पाया और मुकाबला श्रीलंका-ए के नाम रहा।

फाइनल की राह हुई कठिन

तिलक वर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद लगातार दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। अब भारतीय टीम को 17 जून को अफगानिस्तान-ए के खिलाफ अपना अंतिम लीग मुकाबला खेलना है। फाइनल में जगह बनाने के लिए उसे न केवल जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि अन्य परिणामों पर भी नजर रखनी पड़ेगी। यह हार भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुई है, लेकिन युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत भी दिए हैं।