दो साल बाद फिर जुटेगा इंडिया गठबंधन

कांग्रेस ने विपक्षी गठबंधन इंडिया की बड़ी बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित बैठक में ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

दो साल बाद फिर जुटेगा इंडिया गठबंधन

दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 3 जून 2026

केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने के लिए कांग्रेस ने विपक्षी गठबंधन इंडिया की बड़ी बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। आगामी 6 या 8 जून को नई दिल्ली में प्रस्तावित इस बैठक में अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और उद्धव ठाकरे समेत कई बड़े विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा सकती है।

नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव 2024 के बाद लगभग दो वर्ष के अंतराल पर विपक्षी गठबंधन इंडिया एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार यह बैठक नेताओं की उपलब्धता के आधार पर 6 जून या 8 जून को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की जा सकती है। बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों के बीच समन्वय बढ़ाना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर साझा रणनीति तैयार करना बताया जा रहा है।

सरकार को घेरने की तैयारी

बताया जा रहा है कि बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवाद, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने के लिए संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति बना सकते हैं। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की एकजुटता सरकार के खिलाफ मजबूत राजनीतिक संदेश दे सकती है।

कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे सहित करीब 15 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल विभिन्न दलों के नेताओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया जा रहा है।

विपक्षी एकता पर रहेगा जोर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी दलों के सामने अपनी राजनीतिक ताकत को फिर से संगठित करने की चुनौती है। ऐसे में यह बैठक विपक्षी एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बैठक में आगामी राज्यों के चुनावों और संसद के भीतर तथा बाहर सरकार के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

कुछ दलों की भूमिका पर संशय

राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के चलते कुछ दलों की भागीदारी को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। वहीं आम आदमी पार्टी पहले ही सार्वजनिक रूप से इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है, जिसके कारण उसके शामिल होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। हालांकि कांग्रेस अधिक से अधिक विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटी हुई है ताकि केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापक विपक्षी मोर्चा तैयार किया जा सके।

दो साल बाद हो रही बड़ी बैठक

इंडिया गठबंधन की आखिरी बड़ी आधिकारिक बैठक लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना से ठीक पहले 1 जून 2024 को आयोजित हुई थी। इसके बाद गठबंधन के नेताओं की अलग-अलग मौकों पर मुलाकातें जरूर हुईं, लेकिन इतने बड़े स्तर पर कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई। अब लगभग दो साल बाद प्रस्तावित यह बैठक विपक्षी राजनीति के लिए अहम मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बैठक से आने वाले महीनों की विपक्षी रणनीति और गठबंधन की दिशा काफी हद तक तय हो सकती है।