क्या आरबीआई ने बेच दिया 12 अरब डॉलर का सोना...

सोशल मीडिया पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचने का दावा तेजी से वायरल हुआ। प्रेस सूचना ब्यूरो की तथ्य जांच इकाई ने इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। सरकारी एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध आधिकारिक आंकड़े इस दावे का समर्थन नहीं करते और लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील की है।

क्या आरबीआई ने बेच दिया 12 अरब डॉलर का सोना...

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 3 जून 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय रिजर्व बैंक के स्वर्ण भंडार को लेकर एक दावा तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है। इस दावे के सामने आने के बाद आम लोगों से लेकर आर्थिक मामलों में रुचि रखने वाले लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इस दावे की सत्यता को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।प्रेस सूचना ब्यूरो की तथ्य जांच इकाई ने इस दावे की जांच की और स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा यह दावा पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। सरकारी एजेंसी ने कहा कि उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों में ऐसा कोई संकेत नहीं मिलता कि भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने स्वर्ण भंडार का इतना बड़ा हिस्सा बेचा हो। इसके साथ ही लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील भी की गई है।

क्या है पूरा वायरल दावा

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे संदेशों में दावा किया गया कि भारत के केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने के लिए अपने स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा बेच दिया है। कुछ संदेशों में यह भी कहा गया कि यह बिक्री लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर है। दावा करने वालों ने इसके समर्थन में विदेशी मीडिया की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया।इन संदेशों के वायरल होने के बाद लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। आर्थिक मामलों से जुड़े कई मंचों पर इस विषय को लेकर चर्चाएं होने लगीं। हालांकि दावा करने वाले संदेशों में किसी आधिकारिक दस्तावेज या भारतीय रिजर्व बैंक की पुष्टि का उल्लेख नहीं किया गया था।

प्रेस सूचना ब्यूरो ने की तथ्य जांच

वायरल दावे की बढ़ती चर्चा को देखते हुए प्रेस सूचना ब्यूरो की तथ्य जांच इकाई सक्रिय हुई। जांच के दौरान उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड, केंद्रीय बैंक के आंकड़ों और संबंधित सूचनाओं का परीक्षण किया गया। इसके बाद एजेंसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचने का दावा गलत है।तथ्य जांच इकाई ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी वास्तविक आंकड़ों से मेल नहीं खाती। इसलिए इसे सत्य मानना उचित नहीं है। एजेंसी ने कहा कि लोगों को ऐसी सूचनाओं को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उनकी पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।

आरबीआई के स्वर्ण भंडार को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े

भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर अपने स्वर्ण भंडार और विदेशी मुद्रा भंडार से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करता है। इन आधिकारिक आंकड़ों में किसी ऐसी बड़ी बिक्री का उल्लेख नहीं है, जैसा कि वायरल संदेशों में दावा किया गया है। यही कारण है कि सरकार ने इस दावे को भ्रामक करार दिया है।स्वर्ण भंडार किसी भी देश की वित्तीय स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में इससे संबंधित किसी भी सूचना को समझने के लिए केवल प्रमाणिक और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर बढ़ रही हैं भ्रामक सूचनाएं

हाल के वर्षों में सोशल मीडिया सूचना प्रसार का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरा है। हालांकि इसके साथ ही अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार की समस्या भी तेजी से बढ़ी है। कई बार अधूरी जानकारी या गलत व्याख्या के कारण लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।सरकारी एजेंसियां लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं कि किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक, राजनीतिक या सामाजिक विषय से जुड़ी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। इससे अफवाहों और गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सकता है।

सरकार ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

सरकार ने कहा है कि आर्थिक मामलों से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा किया जाना चाहिए। प्रेस सूचना ब्यूरो की तथ्य जांच इकाई ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचने का दावा पूरी तरह निराधार है।अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले किसी भी संदेश को बिना जांचे साझा न करें। गलत जानकारी न केवल भ्रम फैलाती है, बल्कि वित्तीय मामलों को लेकर अनावश्यक चिंता भी पैदा कर सकती है।