भारत-बांग्लादेश सीमा वार्ता पर टिकी नजरें, दिल्ली में अगले हफ्ते होगी अहम बैठक
भारत और बांग्लादेश के बीच 8 से 11 जून तक नई दिल्ली में महानिदेशक स्तर की सीमा वार्ता आयोजित होगी। बैठक में सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ, फेंसिंग, सीमा पार अपराध, ड्रोन गतिविधियों और अवैध प्रवासियों की वापसी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। नई सरकार बनने के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली बड़ी सीमा वार्ता होगी
दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 02 जून 2026
भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अगले सप्ताह नई दिल्ली में उच्चस्तरीय वार्ता होने जा रही है। दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के महानिदेशक स्तर की यह बैठक कई संवेदनशील विषयों पर चर्चा के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली बड़ी सीमा वार्ता होगी, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों और कूटनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
8 से 11 जून तक चलेगी वार्ता
सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश सीमा रक्षक बल के महानिदेशक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल 8 से 11 जून के बीच नई दिल्ली पहुंचेगा। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक करेंगे। बैठक का आयोजन दिल्ली स्थित सीमा सुरक्षा बल परिसर में किया जाएगा। वार्ता के समापन पर दोनों देशों के बीच संयुक्त दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जाने की भी संभावना है, जिसमें सीमा प्रबंधन और सुरक्षा सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु शामिल होंगे।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रहेगा मुख्य मुद्दा
बैठक में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने, अवैध घुसपैठ रोकने, सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण और अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी जैसे विषय प्रमुखता से उठाए जाएंगे। भारतीय पक्ष सीमा पर सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों पर होने वाले हमलों, पथराव और आपराधिक गतिविधियों का मुद्दा भी उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा सीमा पार सक्रिय अपराधी नेटवर्क और विद्रोही गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संयुक्त कार्रवाई पर भी चर्चा होने की संभावना है।
अवैध प्रवासियों पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों का कहना है कि भारत अवैध घुसपैठ और अवैध प्रवासियों की पहचान तथा वापसी के मुद्दे को गंभीरता से उठाएगा। हाल के वर्षों में इस विषय को लेकर केंद्र सरकार लगातार सख्त रुख अपनाती रही है। इसी कारण आगामी वार्ता में सीमा प्रबंधन और प्रवासन नियंत्रण प्रमुख एजेंडा बने रहने की उम्मीद है।
अधूरी फेंसिंग भी चर्चा का विषय
भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। इस विशाल सीमा के कई हिस्सों में अभी भी बाड़ लगाने का कार्य अधूरा है। नदी, दलदली क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कुछ हिस्सों में फेंसिंग करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बैठक में सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास, सिंगल रो फेंस निर्माण और आधुनिक निगरानी तंत्र को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।
ड्रोन गतिविधियों और हवाई उल्लंघनों पर भी चर्चा
सीमा सुरक्षा एजेंसियां हाल के वर्षों में बढ़ी ड्रोन गतिविधियों को लेकर भी सतर्क हैं। इसलिए सीमा क्षेत्र में हवाई उल्लंघन, ड्रोन घुसपैठ और तकनीकी निगरानी व्यवस्था को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
दोनों देशों के लिए अहम मानी जा रही बैठक
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाली यह वार्ता सीमा सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही द्विपक्षीय सीमा वार्ता का उद्देश्य सीमा पर शांति बनाए रखना, अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का साझा समाधान तलाशना रहा है।