भारतीय सेना में नया इतिहास, एनडीए की पहली महिला कैडेट्स बनीं अधिकारी
भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त महिला कैडेट्स भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से पास आउट होकर अधिकारी बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए इसे महिला सशक्तिकरण और सेना में समान अवसरों की दिशा में बड़ा कदम बताया।
दि राइजिंग न्यूज़ | देहरादून | 13 जून 2026
भारतीय सेना के इतिहास में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय
भारतीय सेना के इतिहास में शनिवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। पहली बार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिला कैडेट्स भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से पास आउट होकर सेना में अधिकारी बनीं। इस अवसर ने न केवल भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा, बल्कि देश में महिला सशक्तिकरण और समान अवसरों की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, परिजन और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बताया ऐतिहासिक मोड़
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करते हुए इस उपलब्धि को भारतीय सैन्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश की बदलती सोच और प्रगतिशील समाज का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही है और सेना में उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने नए अधिकारियों को राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च मूल्यों का पालन करने की भी सीख दी।
वर्ष 2022 के ऐतिहासिक फैसले का दिखा परिणाम
वर्ष 2022 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के द्वार महिलाओं के लिए खोले गए थे। उस समय इस फैसले को भारतीय सैन्य इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम माना गया था। तीन वर्षों के कठिन और अनुशासित प्रशिक्षण के बाद अब पहली महिला कैडेट्स का सेना में अधिकारी बनना इस निर्णय की सफलता का प्रमाण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि देश की हजारों युवा महिलाओं को सेना में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
परेड मैदान में महिला कैडेट्स ने दिखाया दमखम
भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्च किया। परेड मैदान में उनके अनुशासन, आत्मविश्वास और सैन्य कौशल की झलक स्पष्ट दिखाई दी। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। कई सैन्य अधिकारियों ने इसे भारतीय सेना में समान अवसर और आधुनिक सोच की दिशा में बड़ा परिवर्तन बताया।
सेना को मिलेगी नई शक्ति और नया नेतृत्व
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी से सैन्य बल और अधिक मजबूत तथा विविधतापूर्ण बनेगा। आधुनिक युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के दौर में महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और निर्णय लेने की योग्यता सेना के लिए नई ताकत साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं ने वायुसेना, नौसेना और थलसेना के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यही कारण है कि अब सेना में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।
देश की बेटियां संभालेंगी सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी दशकों से देश को वीर और सक्षम सैन्य नेतृत्व प्रदान करती रही है। अब महिला अधिकारियों का इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनना भारतीय सेना की प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां अब केवल सीमित क्षेत्रों तक नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों को भी पूरी निष्ठा और क्षमता के साथ निभाने के लिए तैयार हैं।
पासिंग आउट परेड में भावुक हुए परिजन
इस ऐतिहासिक अवसर पर पास आउट होने वाले सभी अधिकारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा की रक्षा का संकल्प लिया। परेड के समापन के साथ ही महिला कैडेट्स सहित सभी प्रशिक्षुओं ने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपने नए सफर की शुरुआत की। उनके परिवारों के लिए भी यह क्षण गर्व और सम्मान से भरा रहा, क्योंकि वर्षों की मेहनत और समर्पण का सपना आखिरकार साकार हुआ।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनीं पहली महिला अधिकारी
रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सेना में महिलाओं की संख्या और भूमिका दोनों बढ़ेंगी। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं के प्रवेश से शुरू हुई यह यात्रा अब एक नई दिशा में आगे बढ़ चुकी है। पहली महिला कैडेट्स का अधिकारी बनना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय समाज में बदलती सोच, समान अवसर और महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल भी है। यह दिन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बनकर याद किया जाएगा।