मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा, दक्षिण लेबनान पर इजरायल के भीषण हमले
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कई प्रमुख शहरों और कस्बों पर व्यापक हवाई तथा ड्रोन हमले किए हैं, जिससे रिहायशी इलाकों में भारी तबाही हुई है। कई इमारतें ध्वस्त हो गई हैं और बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। गाजा क्षेत्र में भी सैन्य कार्रवाई जारी रहने से पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा गहरा गया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | बेरूत | 2 जून 2026
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र को एक बार फिर बड़े संघर्ष के मुहाने पर ला खड़ा किया है। ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कई प्रमुख शहरों और कस्बों पर व्यापक हवाई तथा ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों में कई रिहायशी इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। लगातार हो रहे हमलों के कारण स्थानीय नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो यह संघर्ष केवल लेबनान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले सकता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।
नबातियेह शहर पर इजरायल का बड़ा हमला
रिपोर्टों के अनुसार इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में शामिल नबातियेह पर कई हवाई हमले किए हैं। यह शहर लंबे समय से रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है और क्षेत्रीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। लगातार बमबारी के कारण शहर के कई हिस्सों में भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं।स्थानीय सूत्रों के अनुसार हमलों के बाद कई इलाकों में धुएं के बड़े गुबार देखे गए और राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नागरिकों का कहना है कि लगातार हो रही बमबारी के कारण सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं।
कई कस्बों और सड़कों को भी बनाया गया निशाना
नबातियेह जिले के अलावा आसपास के कई कस्बों और गांवों पर भी हमलों की सूचना मिली है। ड्रोन हमलों के जरिए विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों और संपर्क मार्गों को निशाना बनाया गया। कई महत्वपूर्ण सड़कें क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्यों और आम लोगों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई स्थानों पर विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां और दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
गाजा क्षेत्र में भी जारी हैं सैन्य कार्रवाई
लेबनान के साथ-साथ गाजा क्षेत्र में भी सैन्य कार्रवाई रुकने का नाम नहीं ले रही है। रिपोर्टों के अनुसार मध्य गाजा के एक इलाके में हुए ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है।संघर्ष विराम की घोषणाओं के बावजूद विभिन्न इलाकों में समय-समय पर हवाई हमलों और गोलाबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे क्षेत्र में शांति स्थापित होने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और आम नागरिकों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
टायर शहर में तबाही के भयावह दृश्य
दक्षिणी लेबनान के टायर शहर में भी हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। यहां कई दिनों से लगातार विस्फोटों और सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आ रही हैं। एक रिहायशी क्षेत्र में स्थित बहुमंजिला इमारतें पूरी तरह ढह गईं, जिससे भारी नुकसान हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में भय का माहौल है और लोगों को समझ नहीं आ रहा कि वे कहां जाएं। अनेक परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और अस्थायी शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। मानवीय संकट की स्थिति लगातार गहराती जा रही है।
लेबनानी सेना के जवान भी हुए घायल
लेबनान की सेना ने पुष्टि की है कि नबातियेह जिले में हुए एक ड्रोन हमले में उसके दो जवान घायल हो गए हैं। दोनों को उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है।सैन्य अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं और किसी भी समय स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। सेना लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही है तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
विश्लेषकों का मानना है कि लेबनान और गाजा में बढ़ती सैन्य गतिविधियां पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो संघर्ष का दायरा और अधिक बढ़ सकता है, जिसका असर कई पड़ोसी देशों पर भी पड़ सकता है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।