लखनऊ में बिजली को लेकर बड़ा बवाल, सड़क पर बढ़ा तनाव; अखिलेश यादव बोले....
लखनऊ में लगातार बिजली कटौती से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पारा इलाके में प्रदर्शनकारियों ने जेई को बंधक बना लिया और गाड़ी के टायर पंक्चर कर दिए। बिजली संकट पर अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए इसे ‘महा विद्युत आपदा’ बताया।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 23 मई 2026
लगातार बिजली कटौती से लखनऊ में बढ़ा लोगों का गुस्सा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस समय भीषण बिजली संकट की मार झेल रही है। भीषण गर्मी के बीच शहर के कई इलाकों में लगातार घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि आम जनता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही है और बिजली विभाग के अधिकारियों को सीधे निशाने पर लिया जा रहा है। राजधानी में बिगड़ती बिजली व्यवस्था ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हो रहा। दिन हो या रात, घंटों तक बिजली गायब रहने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। भीषण उमस और गर्मी के कारण बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। राजधानी के कई इलाकों में लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है और विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं।
साउथ सिटी से शुरू हुआ संकट कई इलाकों तक पहुंचा
बताया जा रहा है कि 20 मई की रात से साउथ सिटी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था अचानक चरमरा गई थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य तकनीकी समस्या होगी, लेकिन धीरे-धीरे यह संकट राजधानी के कई बड़े इलाकों तक फैल गया। पारा, सआदतगंज, सरोजनी नगर, राजाजीपुरम और चिनहट जैसे क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आने लगीं।कई मोहल्लों में लोगों को लगातार तीसरे दिन भी राहत नहीं मिली। कहीं घंटों तक ट्रिपिंग होती रही तो कहीं पूरी रात बिजली गायब रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से न तो सही जानकारी दी जा रही है और न ही कोई स्थायी समाधान नजर आ रहा है। लगातार अंधेरे और गर्मी ने लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
बुद्धेश्वर चौराहे पर लोगों का जोरदार प्रदर्शन
बिजली संकट के खिलाफ सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन पारा इलाके के बुद्धेश्वर चौराहे पर देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी जिससे इलाके में लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा। मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता दिखाई दिया।स्थानीय लोगों का आरोप था कि बिजली विभाग के अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब हो रही है लेकिन प्रशासन को जनता की परेशानी की कोई चिंता नहीं दिखाई दे रही।
जेई की गाड़ी रोकी, टायर किए पंक्चर
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने उनकी गाड़ी को बीच सड़क पर रोक लिया और कथित तौर पर वाहन के टायर भी पंक्चर कर दिए। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और काफी देर तक तनाव बना रहा।बताया जा रहा है कि दोपहर करीब तीन बजे अधिकारी को सड़क पर ही रोककर रखा गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ तौर पर कह दिया कि जब तक इलाके की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी, तब तक किसी भी अधिकारी को वहां से जाने नहीं दिया जाएगा। मौके पर मौजूद लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए।
बिजली संकट से पानी और कारोबार भी प्रभावित
लगातार बिजली कटौती का असर अब सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रह गया है। कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि बिजली न होने से मोटर और पंप नहीं चल पा रहे। लोगों को पीने के पानी तक के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। सुबह और शाम के समय हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं जब लोगों को रोजमर्रा के काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।वहीं छोटे व्यापारियों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दुकानें, छोटे उद्योग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। छात्रों का कहना है कि बिजली न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है और रात में तैयारी करना मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग हालात संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।
उतरठिया के बाद पारा में फिर भड़का विरोध
इससे पहले उतरठिया इलाके में भी बिजली कटौती को लेकर भारी हंगामा हुआ था। वहां लोगों ने सड़क जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बावजूद राजधानी में बिजली संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है।अब पारा इलाके में हुए नए बवाल ने प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शन यह संकेत दे रहे हैं कि राजधानी में बिजली संकट अब सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन चुका है। अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन और ज्यादा उग्र हो सकते हैं।
अखिलेश यादव ने सरकार पर बोला हमला
बिजली संकट को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे ‘महा विद्युत आपदा’ करार देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भीषण गर्मी में परेशान है लेकिन सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है जबकि जमीन पर हालात बेहद खराब हैं।उन्होंने कहा कि राजधानी समेत पूरे प्रदेश में बिजली व्यवस्था चरमरा चुकी है और जनता त्राहिमाम कर रही है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है कि आखिर बिजली संकट पर ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे। अखिलेश यादव के बयान के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी काफी गर्मा गया है।
प्रशासन के दावों के बीच लोगों में नाराजगी कायम
बिजली विभाग और प्रशासन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों की नाराजगी कम होती नजर नहीं आ रही। कई इलाकों में अब भी लंबे समय तक बिजली कटौती जारी है और लोग परेशान हैं। राजधानी में बिगड़ते हालात ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।लोगों का कहना है कि अगर जल्द कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने राजधानी की जनता का धैर्य तोड़ दिया है और अब लोग खुलकर सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।