महाराष्ट्र में प्याज किसानों का बड़ा आंदोलन
महाराष्ट्र में प्याज किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। किसानों ने अपनी उपज के लिए 3000 रुपये प्रति क्विंटल की गारंटीशुदा कीमत, सरकारी खरीद और राहत पैकेज की मांग को लेकर पुणे-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
दि राइजिंग न्यूज़। मुंबई। 4 जून 2026
3000 रुपये समर्थन मूल्य की मांग पर किसानों का प्रदर्शन
महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों को लेकर किसानों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों ने पुणे-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन कर न्यूनतम 3000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि बढ़ती खेती लागत और लगातार कम मिल रहे बाजार भाव के कारण उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर संकट में पहुंच गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर किया प्रदर्शन
पुणे जिले के आंबेगांव क्षेत्र में किसानों ने प्याज की मालाएं पहनकर सड़क पर उतरते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार तत्काल प्याज की सरकारी खरीद शुरू करे और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करे। आंदोलन के चलते कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा।
किसानों ने उठाई सरकारी खरीद की मांग
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ के माध्यम से मंडियों से सीधे खरीद की जाए और किसानों को कम से कम 3000 रुपये प्रति क्विंटल का गारंटीशुदा मूल्य दिया जाए। उनका आरोप है कि मौजूदा बाजार व्यवस्था में किसानों को लागत तक नहीं मिल पा रही है।
विपक्षी नेताओं ने दिया समर्थन
आंदोलन में कई विपक्षी नेताओं ने भी भाग लिया। नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लाखों प्याज उत्पादक किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है।
बढ़ती लागत से परेशान किसान
किसानों के अनुसार बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और परिवहन जैसी सभी लागतों में लगातार वृद्धि हुई है। इसके बावजूद प्याज के बाजार भाव इतने कम हैं कि खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। कई किसान घाटे में फसल बेचने को मजबूर हैं।
कमजोर मानसून की आशंका ने बढ़ाई चिंता
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि कमजोर मानसून और मौसम संबंधी अनिश्चितताओं के कारण आगामी फसल पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो किसानों की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आंदोलन और तेज होने की चेतावनी
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन और किसान सभाओं का आयोजन किया जा सकता है।
प्रमुख बिंदु
- 3000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की मांग
- पुणे-नासिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन
- सरकारी खरीद और राहत पैकेज की मांग
- बढ़ती खेती लागत से किसान परेशान
- कमजोर मानसून की आशंका से बढ़ी चिंता
- विपक्षी नेताओं का आंदोलन को समर्थन
- प्याज उत्पादकों में बढ़ता असंतोष
- राज्य सरकार पर किसान विरोधी नीतियों का आरोप