योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, प्रतीक यादव को लेकर दिया विवादित बयान

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने बयान में प्रतीक यादव का उल्लेख करते हुए राजनीतिक तंज कसा और सुभासपा को लेकर भी टिप्पणी की।इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी तापमान बढ़ गया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, प्रतीक यादव को लेकर दिया विवादित बयान

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 16  मई 2026 । 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जबरदस्त बयानबाजी देखने को मिल रही है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने बयान में प्रतीक यादव का जिक्र करते हुए राजनीतिक तंज कसा है। इस बयान के बाद राज्य की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है।

कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे पर उठाए सवाल

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव द्वारा यूपी में कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे को लेकर उठाए गए सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दूसरों के घर की चिंता करने के बजाय अपने राजनीतिक हालात पर ध्यान देना चाहिए। राजभर ने आरोप लगाया कि बिना वजह मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार सरकार के भीतर सभी निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार लिए जा रहे हैं।

प्रतीक यादव का नाम लेकर दिया विवादित राजनीतिक तंज

अपने बयान में ओम प्रकाश राजभर ने प्रतीक यादव का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पारिवारिक मामलों को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है, लेकिन विपक्ष लगातार ऐसा कर रहा है। राजभर के इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इस टिप्पणी के बाद सियासी माहौल और अधिक गर्म हो गया है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी बढ़ गई है।

सुभासपा में शामिल होने का दिया अप्रत्यक्ष ऑफर

ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव को अपनी पार्टी सुभासपा में शामिल होने का भी अप्रत्यक्ष ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक सहयोग की इच्छा हो तो इस पर विचार किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बातचीत की जा सकती है। इस बयान को राजनीतिक हलकों में तंज और व्यंग्य दोनों के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बढ़ा सियासी तनाव

इस पूरे विवाद के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी गठबंधन के बीच जुबानी जंग लगातार बढ़ती जा रही है। कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे का मुद्दा अब सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन चुका है। आने वाले समय में इस विवाद के और भी राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।