केरल में नया मुख्यमंत्री कौन? के सी वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे, 47 विधायकों का समर्थन
केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। के सी वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे चल रहा है और उन्हें ६३ में से लगभग ४७ विधायकों का समर्थन मिला है। वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला भी दौड़ में शामिल हैं, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान की रिपोर्ट के आधार पर होगा। आने वाले दिनों में केरल में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 8 मई 2026
केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। कांग्रेस पार्टी के अंदर अब मुख्यमंत्री पद के लिए गंभीर मंथन चल रहा है, जिसमें के सी वेणुगोपाल का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। पार्टी के भीतर हुई बैठकों और विधायकों की राय के बाद राजनीतिक स्थिति तेजी से बदलती दिख रही है।
कांग्रेस के विधायकों और पर्यवेक्षकों के बीच हुई चर्चाओं ने इस पूरे मामले को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। अब सभी की नजरें आलाकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं, जो जल्द घोषित किया जा सकता है।
विधायकों की राय में के सी वेणुगोपाल को मिला सबसे अधिक समर्थन
कांग्रेस के कुल ६३ निर्वाचित विधायकों में से बड़ी संख्या में विधायकों ने के सी वेणुगोपाल के पक्ष में समर्थन जताया है। जानकारी के अनुसार लगभग ४७ विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त नेता माना है, जो उनकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
इस समर्थन में केवल सामान्य विधायक ही नहीं बल्कि कई वरिष्ठ नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। इससे पार्टी के अंदर वेणुगोपाल की दावेदारी और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है।
वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला भी दौड़ में शामिल
मुख्यमंत्री पद की दौड़ केवल के सी वेणुगोपाल तक सीमित नहीं है। इस दौड़ में वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
हालांकि, इन दोनों नेताओं को अपेक्षाकृत कम विधायकों का समर्थन मिला है। इसके बावजूद पार्टी के अंदर संतुलन बनाए रखने के लिए इन नामों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कांग्रेस के भीतर नेतृत्व चयन की प्रक्रिया और जटिल हो गई है।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट बनेगी अंतिम निर्णय का आधार
कांग्रेस पार्टी द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सभी विधायकों से अलग-अलग बातचीत की है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि किस नेता को अधिक समर्थन प्राप्त है।
इन सभी राय और सुझावों को एक रिपोर्ट के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंपा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री पद पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कांग्रेस आलाकमान करेगा अंतिम फैसला
अब पूरा मामला कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के पास पहुंच चुका है। पार्टी आलाकमान सभी रिपोर्टों और आंतरिक समीकरणों का गहराई से अध्ययन करेगा और उसके बाद अंतिम नाम की घोषणा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार यदि आवश्यक हुआ तो प्रमुख दावेदारों से दोबारा चर्चा भी की जा सकती है, ताकि सभी पक्षों को संतुष्ट किया जा सके और किसी प्रकार का विवाद न हो।
नई सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना
अगर मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम सहमति बन जाती है, तो केरल में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाएगी। शपथ ग्रहण की तैयारियां भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
पार्टी का प्रयास है कि बिना किसी राजनीतिक टकराव के जल्द से जल्द नई सरकार का गठन किया जाए, जिससे राज्य में प्रशासनिक कामकाज सुचारु रूप से आगे बढ़ सके।
वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला भी दौड़ में शामिल
मुख्यमंत्री पद की दौड़ केवल एक नाम तक सीमित नहीं है। इस रेस में वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला जैसे अनुभवी नेता भी शामिल हैं, जो लंबे समय से पार्टी संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
हालांकि दोनों नेताओं को अपेक्षाकृत कम विधायकों का समर्थन मिला है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी संतुलन और क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए इन नामों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे कांग्रेस के अंदर नेतृत्व चयन की प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट से तय होगा अंतिम फैसला
कांग्रेस पार्टी द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सभी विधायकों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी राय दर्ज की है। इन बैठकों का उद्देश्य यह समझना था कि किस नेता को अधिक समर्थन प्राप्त है और कौन राज्य में सरकार चलाने के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा हो सकता है।
अब यह सभी रिपोर्ट एक विस्तृत दस्तावेज के रूप में पार्टी आलाकमान को सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा, जिससे केरल के अगले मुख्यमंत्री की तस्वीर साफ हो सकेगी।
कांग्रेस आलाकमान की भूमिका सबसे अहम
इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के हाथ में है। पार्टी आलाकमान सभी राजनीतिक समीकरणों, विधायकों की राय और संगठनात्मक संतुलन का गहराई से अध्ययन कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार यदि किसी तरह का मतभेद सामने आता है तो सभी प्रमुख दावेदारों के साथ एक बार फिर चर्चा की जा सकती है, ताकि सर्वसम्मति से निर्णय लिया जा सके और किसी प्रकार का आंतरिक विवाद न पैदा हो।
नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना
यदि मुख्यमंत्री पद पर अंतिम सहमति बन जाती है तो केरल में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
पार्टी का प्रयास है कि सत्ता परिवर्तन की यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो और प्रशासनिक कामकाज में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके साथ ही संगठन को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।