संसद में पहले ही दिन मचा जबरदस्त हंगामा!
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत पहले ही दिन जोरदार हंगामे के साथ हुई। विपक्ष ने पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। भारी शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र को जनहित में सार्थक बनाने की अपील की, जबकि विभिन्न विपक्षी नेताओं ने सरकार से जवाब मांगा।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026
पहले ही दिन हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का मानसून सत्र
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को तीखी राजनीतिक नोकझोंक और हंगामे के साथ हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने पेपर लीक, जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। विपक्षी सांसदों ने सरकार से इन मामलों पर तत्काल चर्चा कराने और जवाब देने की मांग की। लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा।संसद परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक कड़ी रखी गई थी। मानसून सत्र के पहले दिन कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया जाना था, लेकिन हंगामे के चलते कार्यवाही बाधित होती रही। संसद की कार्यवाही के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।
मल्लिकार्जुन खरगे ने लाठीचार्ज और पेपर लीक पर सरकार से मांगा जवाब
संसद में विपक्ष की ओर से राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग क्यों किया गया। इसके साथ ही उन्होंने देशभर में सामने आए पेपर लीक के मामलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।विपक्ष का कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। सांसदों ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने इन मामलों पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग दोहराई।
भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही करनी पड़ी स्थगित
सदन में लगातार हो रहे शोर-शराबे और विरोध प्रदर्शन के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से शांति बनाए रखने और संसदीय परंपराओं का पालन करने की अपील की। हालांकि विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे और नारेबाजी जारी रही। स्थिति सामान्य न होने पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।संसदीय कार्यवाही बाधित होने से पहले सरकार की ओर से सूचीबद्ध कई विषयों पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। संसदीय कार्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष से सहयोग की अपील की ताकि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनहित में सार्थक सत्र की अपील की
संसद भवन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे सक्रिय मानसून देश के लिए लाभदायक होता है, उसी प्रकार सक्रिय और सार्थक संसद का मानसून सत्र भी देश के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल सकारात्मक सहयोग करेंगे और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने सभी सांसदों से रचनात्मक भूमिका निभाने और देशहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया ताकि सत्र के दौरान अधिक से अधिक जनकल्याणकारी कार्य पूरे किए जा सकें।
वंदे मातरम विधेयक और अन्य प्रस्तावों पर भी छिड़ी बहस
मानसून सत्र के दौरान सरकार द्वारा वंदे मातरम से जुड़े प्रस्तावित विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव पेश किए जाने हैं। इसी विषय पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वंदे मातरम का देश में कोई अपमान नहीं करता, लेकिन यदि सरकार राष्ट्रीय एकता का संदेश देना चाहती है तो अन्य राष्ट्रभक्ति गीतों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने तर्कों के साथ सामने आए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस विषय पर संसद के भीतर और बाहर व्यापक चर्चा देखने को मिल सकती है।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, कई मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद
मानसून सत्र और जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। एहतियात के तौर पर जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और सेवा तीर्थ जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया।संसद भवन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।