पांच सांसदों की गैरहाजिरी से बढ़ी उद्धव की चिंता
शिवसेना यूबीटी की बैठक में पांच सांसदों की अनुपस्थिति के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सांसदों से सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने और पार्टी के प्रति निष्ठा जताने को कहा है. वहीं पार्टी नेताओं का दावा है कि सभी सांसद संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं.
दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 16 जून 2026
शिवसेना यूबीटी की बैठक से बढ़ी राजनीतिक हलचल
महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय नई चर्चा शुरू हो गई जब शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के पांच सांसद शामिल नहीं हुए. बैठक में सांसदों की गैरमौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं पार्टी के भीतर संभावित असंतोष और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए अनुपस्थित सांसदों से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
नौ सांसदों में से केवल चार पहुंचे मातोश्री
जानकारी के अनुसार शिवसेना यूबीटी के कुल नौ लोकसभा सांसद हैं. हालांकि मातोश्री में आयोजित बैठक में केवल चार सांसद ही उपस्थित रहे. बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल अष्टिकर, संजय देशमुख और संजय जाधव के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. इन पांच सांसदों की गैरहाजिरी ने पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चाओं को जन्म दे दिया.
उद्धव ठाकरे ने मांगा सार्वजनिक स्पष्टीकरण
बैठक में अनुपस्थित सांसदों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी को लेकर गलत संदेश जा सकता है. उन्होंने सांसदों से कहा कि वे सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करें और यह बताएं कि वे पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं. उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच गलत संदेश पहुंचा सकती है.
वफादारी स्पष्ट करने का दिया संदेश
पार्टी सूत्रों के अनुसार उद्धव ठाकरे ने सांसदों से कहा कि वे अपने अनुपस्थित रहने के कारणों को सार्वजनिक करें और यह स्पष्ट करें कि उनका राजनीतिक रुख क्या है. उन्होंने अगले कुछ दिनों के भीतर सभी सांसदों को मातोश्री पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से चर्चा करने का भी सुझाव दिया ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे.
राजनीतिक अटकलों ने पकड़ा जोर
पांच सांसदों की गैरहाजिरी के बाद राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी दलों के बीच भी चर्चाएं तेज हो गईं. कुछ लोगों ने इसे पार्टी के भीतर संभावित असंतोष से जोड़कर देखा. हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि अनुपस्थित सांसदों ने निजी कारणों की जानकारी दी थी और उनकी गैरमौजूदगी को किसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ना उचित नहीं होगा.
संजय राउत ने किया विपक्ष पर हमला
शिवसेना यूबीटी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के सभी सांसद संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल और प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. राउत ने कहा कि पार्टी को कमजोर दिखाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी और संगठन पहले की तरह एकजुट है.
पार्टी में टूट की अटकलों को किया खारिज
संजय राउत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सांसदों के पार्टी छोड़ने या किसी अन्य राजनीतिक खेमे में जाने की चर्चाएं निराधार हैं. उन्होंने कहा कि सभी सांसद पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता.
आने वाले दिनों पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर उन सांसदों के अगले कदम पर है जिनकी अनुपस्थिति को लेकर विवाद खड़ा हुआ है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि सांसद सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं तो चल रही अटकलों पर विराम लग सकता है. वहीं आगामी बैठकों और पार्टी नेतृत्व के साथ होने वाली चर्चाओं से यह भी साफ हो जाएगा कि शिवसेना यूबीटी के भीतर स्थिति पूरी तरह सामान्य है या नहीं.
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी सरगर्मी
इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल शिवसेना यूबीटी नेतृत्व का दावा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और संगठन के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में मजबूती से खड़े हैं.