पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: 10 दिन में तीसरी बढ़ोतरी, सीएनजी ने भी बढ़ाई जनता की चिंता

देशभर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले 10 दिनों में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के करीब पहुंच गया है। सीएनजी के दाम में भी 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: 10 दिन में तीसरी बढ़ोतरी, सीएनजी ने भी बढ़ाई जनता की चिंता

दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 23 मई 2026

पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों का पूरा असर समझिए

देशभर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी अब सीधे आम लोगों की जिंदगी पर असर डालने लगी है। बीते 10 दिनों में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे लोगों का मासिक बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। सिर्फ गाड़ी चलाना ही महंगा नहीं हुआ, बल्कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों से लेकर यात्रा और रोजमर्रा के सामान तक की कीमतें बढ़ सकती हैं।


आखिर बार-बार क्यों बढ़ रहे हैं दाम

सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स के आधार पर पेट्रोल-डीजल के दाम तय करती हैं। जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है या आपूर्ति प्रभावित होती है, तो भारत में भी ईंधन की कीमतें बढ़ने लगती हैं। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल बाजार में अस्थिरता और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।

 10 दिन में कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो 15 मई से लेकर अब तक पेट्रोल लगभग 4.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल 4.82 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।15 मई से पहले दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल की कीमत 87.67 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यानी अगर कोई व्यक्ति रोज बाइक या कार से सफर करता है, तो उसका मासिक ईंधन खर्च पहले के मुकाबले काफी बढ़ जाएगा। खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों और रोज वाहन इस्तेमाल करने वालों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

सीएनजी महंगी होने का क्या मतलब है

अब तक लोग पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत पाने के लिए सीएनजी वाहनों की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। सीएनजी को सस्ता और किफायती विकल्प माना जाता था, लेकिन अब सीएनजी की कीमत में भी 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई है। पहले जहां सीएनजी 80.09 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, वहीं अब इसकी कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। देखने में यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन जिन लोगों का पूरा काम वाहन पर निर्भर करता है, उनके लिए यह बड़ा झटका है।

इसका सबसे ज्यादा असर इन लोगों पर पड़ेगा

* ऑटो चालक
* टैक्सी चालक
* कैब सेवा देने वाले
* छोटे व्यापारी
* डिलीवरी और पार्सल सेवा से जुड़े लोग

इन लोगों की रोज की कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। ऐसे में सीएनजी महंगी होने से उनकी आमदनी पर असर पड़ेगा और कई लोग किराया बढ़ाने को मजबूर हो सकते हैं।

आम जनता पर कैसे पड़ेगा असर

 रोजाना यात्रा महंगी होगी

जो लोग रोज दफ्तर, स्कूल, कॉलेज या व्यापार के लिए बाइक, कार या अन्य वाहन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब पहले से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। अगर किसी व्यक्ति का वाहन हर महीने 50 से 60 लीटर पेट्रोल खर्च करता है, तो बढ़ी हुई कीमतों के कारण उसका मासिक खर्च सैकड़ों रुपये तक बढ़ सकता है।

खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं

डीजल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ट्रक, बस और मालवाहक वाहनों में होता है। जब डीजल महंगा होता है, तो सामान की ढुलाई का खर्च भी बढ़ जाता है।

इसका असर इन चीजों पर पड़ सकता है:

* सब्जियां
* फल
* दूध
* किराना सामान
* गैस सिलेंडर की डिलीवरी
* निर्माण सामग्री

यानी ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हर घर के बजट पर पड़ता है।

ऑनलाइन डिलीवरी और टैक्सी किराया बढ़ सकता है

ईंधन महंगा होने के बाद ऑनलाइन खाना मंगाने, पार्सल डिलीवरी और टैक्सी सेवाओं का किराया भी बढ़ सकता है। कई कंपनियां अपने बढ़े हुए खर्च की भरपाई ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लेकर करती हैं। ऐसे में लोगों को रोजमर्रा की सुविधाओं के लिए भी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

छोटे व्यापारियों पर बढ़ेगा दबाव

जो लोग रोज वाहन चलाकर अपना काम करते हैं, जैसे सब्जी विक्रेता, दूध सप्लायर, छोटे कारोबारी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग, उनके लिए ईंधन की बढ़ती कीमतें बड़ी समस्या बन सकती हैं। कमाई सीमित होने के कारण उन्हें या तो अपनी सेवा महंगी करनी पड़ेगी या फिर मुनाफा कम होने का नुकसान उठाना पड़ेगा।

जयपुर समेत कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं कीमतें

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल की कीमत 109 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। वहीं डीजल भी करीब 96 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। दरअसल अलग-अलग राज्यों में वैट और अन्य टैक्स की दरें अलग होती हैं, इसलिए हर शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं। जिन राज्यों में टैक्स ज्यादा है, वहां ईंधन की कीमतें भी ज्यादा हैं।

क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं और सरकार टैक्स में राहत नहीं देती, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।

इसके पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं

* अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
* पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
* डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
* परिवहन लागत में वृद्धि

अगर यही स्थिति बनी रहती है, तो महंगाई और तेज हो सकती है।

लोगों की सबसे बड़ी चिंता क्या है

आम लोगों का कहना है कि जिस तेजी से महंगाई बढ़ रही है, उस हिसाब से आमदनी नहीं बढ़ रही।

लोगों की मुख्य चिंताएं इस प्रकार हैं

* वेतन और कमाई स्थिर है लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा है
* ईंधन महंगा होने से हर चीज महंगी हो जाती है
* मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का बजट सबसे ज्यादा प्रभावित होता है
* रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है

इसी वजह से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतें अब देशभर में बड़ी आर्थिक चिंता का विषय बन चुकी हैं।